वृद्धावस्था पेंशन के आवेदकों की आयु का सत्यापन केवल आधार कार्ड के आधार पर नहीं किया जा सकता। समाज कल्याण विभाग ने पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया में बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार आवेदक की उम्र का सत्यापन परिवार रजिस्टर या शैक्षिक अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर किया जाएगा। यह व्यवस्था केवल नए आवेदकों पर लागू होगी। विभाग ने बताया कि कई मामलों में आधार कार्ड और अन्य अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि में अंतर मिलने से विवाद की स्थिति बन रही थी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर पटेल ने बताया कि अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों को परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति, कुंडली रजिस्टर अथवा हाईस्कूल या समकक्ष शैक्षिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इन अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर ही आवेदक की आयु निर्धारित की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने से अपात्र व्यक्तियों के आवेदन पर रोक लग सकेगी और वास्तव में जरूरतमंद बुजुर्गों को समय पर पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
हर महीने आते हैं सात से आठ हजार आवेदन
जिले में वृद्धावस्था पेंशन के लिए हर महीने करीब सात से आठ हजार नए आवेदन प्राप्त होते हैं। साथ ही आयु संबंधी विसंगतियों की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में नई व्यवस्था से जांच प्रक्रिया अधिक सटीक होने की उम्मीद है।
शहरी क्षेत्र के आवेदकों के लिए यह होंगे मान्य दस्तावेज
जिला समाज कल्याण अधिकारी रमा शंकर पटेल ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले आवेदकों के लिए मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षिक अभिलेख में दर्ज जन्मतिथि के अनुसार ही पात्रता की पुष्टि की जाएगी।