जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए दिवाली बाद शुरू होगा रेल ट्रैक किनारे दीवार का निर्माण
दीवार बनने से मुगलसराय-इलाहाबाद-गाजियाबाद रूट पर बढ़ जाएगी ट्रेनों की स्पीड
प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन के दिल्ली-हावड़ा रूट पर रेलवे द्वारा दीवार बनाने का कार्य दिवाली बाद शुरू हो जाएगा। एनसीआर के इलाहाबाद मंडल में पहले चरण में विभिन्न स्थानों पर 128 किमी दीवार का निर्माण किया जाएगा। पूरे मंडल में रेलवे की ओर 352 किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जानी है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। दीवार बनने के बाद रेलवे ट्रैक पार करने में लोगों को असुविधा न हो इसके लिए रेलवे द्वारा तमाम स्थानों पर रेल अंडर पास भी बनाए जाएंगे। अंडर पास भी उन्हीं स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां लोगों की ज्यादा आवाजाही है।
दरअसल आए दिन रेलवे ट्रैक पर मवेशियों की धमाचौकड़ी की चलते रेल संचालन बाधित होता रहा है। अमूमन ट्रैक किनारे यात्रियों द्वारा फेंकी गई खाद्य सामग्री के चक्कर में मवेशी आए दिन ट्रेनों से कट जाते हैं। देश में निर्मित पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की भी चपेट में कई बार मवेशी आ चुके हैं। इन्हीं घटनाओं को रोकने के लिए एनसीआर प्रशासन ने ट्रैक किनारे दीवार बनाने का निर्णय पिछले दिनों लिया था। पहले चरण में मुगलसराय से इलाहाबाद के बीच 26 किमी, कानपुर क्षेत्र में 20 किमी, रूरा-टूंडला के मध्य 40 किमी, टूंडला-गाजियाबाद के बीच 42 किमी दीवार का निर्माण होना है। दीवार निर्माण के साथ ही लोग रेलवे ट्रैक पार कर सकें, इसके लिए तमाम स्थानों पर अंडर पास भी बनाने का निर्णय लिया गया है।
दूसरे चरण में 200 करोड़ की लागत से बनेगी दीवार
पहले चरण का काम होने के बाद दूसरे चरण में मुगलसराय-इलाहाबाद, इलाहाबाद-कानपुर, इटावा-टूंडला, अलीगढ़-गाजियाबाद रेलखंड में 56-56 किमी दीवार का निर्माण होगा। इसकी कुल लागत 200 करोड़ रुपये आंकी गई है। एनसीआर इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता के मुताबिक पहले के बाद दूसरे चरण में 224 किमी बाउंड्रीवाल के निर्माण के बाद मवेशी एवं आम लोग रेलवे ट्रैक पर नहीं आ सकेंगे। इसके अलावा रेल परिचालन भी बेहतर होगा। साथ ही ट्रेनों की स्पीड में भी इससे इजाफा किया जा सकता है।