इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोवध निरोधक कानून के तहत डीएम के वाहन जब्ती आदेश के खिलाफ दाखिल करने में देरी के आधार पर कमिश्नर की ओर से अपील खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही अपील नए सिरे से तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा, डीएम के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने की समय सीमा तय नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति अविनाश सक्सेना ने अंगद मौर्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि जब्त वाहन किराए पर दिया गया था। गोरखपुर के खोरावर थाने में दर्ज आपराधिक मामले में डीएम के आदेश पर वाहन जब्त कर लिया गया है। इसके खिलाफ दाखिल अपील कमिश्नर ने देरी के आधार पर खारिज कर दी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई। कोर्ट ने कमिश्नर के आदेश को सही नहीं माना और अपील मेरिट पर यथाशीघ्र तय करने का निर्देश दिया।