इलाहाबाद। एडीए की ओर से 12 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर चल रहे कोचिंग संस्थानों को बंद करने की कार्रवाई शुरू होने के बाद से हड़कंप है। एडीए ने ऐसे 35 संस्थानों को नोटिस भेजा, जिसमें से 10 तो बंद हो गए लेकिन शेष 25 चल रहे हैं। इन संस्थानों के बाहर बंदी की सूचना लिखा दी गई है। अब एडीए 16 अप्रैल को सभी कोचिंग को एक साथ सील करेगा। उधर, कार्रवाई के विरोध में कोचिंग संचालकों ने बुधवार को कमिश्नर एवं एडीए में गुहार लगाई। अब वह इस मामले को शासन में भी ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
एडीए ने मानक के विपरीत चल रहे कोचिंग संस्थानों के बाहर 15 अप्रैल तक सामान समेट कर बंद करने की सूचना लिखवाई है। हालांकि कई कोचिंग संचालकों ने सूचना के ऊपर पोस्टर चिपका दिया या फिर उसे हटवा दिया। कार्रवाई से भड़के एक कोचिंग संचालक ने मंगलवार को एडीए कर्मियों से हाथापाई तक कर ली। एडीए ने फिर से चेतावनी दी है कि ऐसे कोचिंग संस्थान 15 अप्रैल तक स्वत: बंद नहीं किए जाते तो 16 अप्रैल को सील कर हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच बुधवार को कोचिंग संचालकों का प्रतिनिधिमंडल दिन में कमिश्नर बीके सिंह से मिला और कार्रवाई को गलत बताते हुए रोकने की मांग की। कहा गया कि कोचिंग संस्थानों के संबंध में पहले से ही उत्तर प्रदेश कोचिंग अधिनियम प्रभावी है। इसके अतिरिक्त सभी वार्डों के लिए एक प्रकार के मानक थोपना मनमाना व्यवहार है। इसके बाद संचालक एडीए पहुंचे और संयुक्त सचिव गुडाकेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। हालांकि एडीए ने उन्हें किसी तरह की राहत नहीं मिली।