नगर पालिका क्षेत्र में गैर रजिस्ट्रेशन और एनओसी के आरओ प्लांट अवैध तरीके से चल रहे हैं। नगर क्षेत्र में किसी के पास लाइसेंस नहीं है। जबकि मिनरल वाटर का प्लांट लगाने के लिए लाइसेंस का होना जरूरी होता है। बिना सील बंद पानी की बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद भी शहर में करीब 50 से अधिक प्लांट संचालित किए जा रहे हैं।
कारोबारी रोज डिब्बे व टैंक के माध्यम से हजारों लीटर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। इतना ही नहीं पानी पाउच के माध्यम से भी सप्लाई की जा रही है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर के सदर बाजार, अजीतनगर, पड़ाव वार्ड, बेगम वार्ड, चिलबिला, महुली, बाबागंज, भंगवा चुंगी, जोगापुर, मीराभवन, करनपुर, दहिलामऊ गायघाट, शुकुलपुर, करनपुर में अवैध तरीके से आरओ प्लांट का संचालन किया जा रहा है। पैकिंग तो दूर 20 लीटर के गैलन में रिक्शा ट्राॅली व अन्य साधनों से लोगों के घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
- 20 लीटर के लिए बर्बाद होता है 100 लीटर पानी
जनपद के 10 विकासखंडों को डार्कजोन घोषित किया गया है। यहां का भूजल स्तर बढ़ाने के लिए अधिकारी प्रयासरत हैं। लेकिन, शहर में बिना लाइसेंस के संचालित आरओ प्लांट में जमकर पानी की बर्बादी की जा रही है। जानकारों के मुताबिक 20 लीटर आरओ पानी बनाने के लिए करीब 100 लीटर पानी बर्बाद होता है।
आरओ प्लांट के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। अवैध आरओ प्लांट के संचालकों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, ईओ नगर पालिका