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ट्रेनों में बैठने और बसों में खड़े होने की नहीं मिली जगह

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No place to sit in trains and stand in buses - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। दिवाली के एक दिन पहले अपने घर आने वाले लोगों की ट्रेनों और बसों में खासी भीड़ उमड़ी। ट्रेनों और बसों में सर्वाधिक भीड़ पूर्वांचल के शहरों के लिए रही। आजमगढ़, गाजीपुर, गोरखपुर रूट की बसों की सिविल लाइंस बस स्टेशन पर कमी पड़ गई। लोगों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बसें आईं तो जिन्हें उसमें बैठने की सीट मिली वह खुद को किस्मत वाला ही मान रहे थे। शनिवार को संचालित रोडवेज की तमाम बसों में खड़े होने तक भी जगह यात्रियों को नहीं मिल पा रही थी।
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दिवाली के एक दिन पूर्व लोगों को अपने घर तक जाने की जाने की जल्दी थी। सुबह दिल्ली, मुंबई, मेरठ, जयपुर आदि रूट से आने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों की खासी भीड़ आई। प्रयागराज, रीवा, पुरुषोत्तम समेत तमाम ट्रेनों के स्लीपर कोच की फर्श में चादर बिछाकर लोग जंक्शन तक आए। रीवा एक्सप्रेस जंक्शन पहुंचे लाउदर रोड के अमित श्रीवास्तव ने बताया कि स्लीपर कोच में उनकी कंफर्म बर्थ होने के बावजूद वह रात भर लेट नहीं सके। क्योंकि ट्रेन में प्रतीक्षा सूची के काफी यात्री थी। इनमें तमाम महिलाएं एवं छोटे बच्चे भी थे। इसी वजह से बर्थ साझा करनी पड़ी। प्रयागराज एक्सप्रेस से आए अभिनव उपाध्याय ने बताया कि एसी थर्ड कोच में शौचालय के पास बैठकर उन्होंने रात गुजारी, क्योंकि उनका टिकट प्रतीक्षा सूची का था।
आजमगढ, जौनपुर की बस न मिलने से दिक्कत
उधर रोडवेज के सिविल लाइंस बस स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ होनी शुरू हो गई। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों की ओर जाने वाली लोगों की भीड़ ज्यादा होने से सिविल लाइंस बस स्टेशन पर बसों की संख्या कम पड़ गई। सुबह दस बजे के आसपास आजमगढ़, जौनपुर की बस न मिलने से यात्रियों को ज्यादा परेशानी हुई। फैजाबाद एवं अन्य शहरों की बस यात्रियों को दो-दो घंटे में ही मिल पा रही थी। इस बीच रोडवेज प्रयागराज परिक्षेत्र की ओर से दिल्ली से आई बसें भी पूरी तरह से पैक आई। रोडवेज के कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र यादव पिछले तीन दिन से बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ी है। यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है।

No place to sit in trains and stand in buses- फोटो : CITY DESK

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