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एक्सक्लूसिवः सिग्नलों में नहीं तालमेल, लंबा हो रहा सफर

Sat, 14 Sep 2019 10:22 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रयागराज। मोटर वेहिकल एक्ट में संशोधन के बाद चौराहों पर लगे सिग्नलों को लेकर भी लोग खासा सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि सिग्नलों में तालमेल नहीं होने की वजह से राहगीरों का सफर लंबा हो रहा है। हाल यह है कि एक से दूसरे चौराहे पर पहुंचने में ही काफी वक्त लग जा रहा है।
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मोटर वेहिकल एक्ट में संशोधन के बाद अब सिग्नल तोड़ने पर अब एक से 10 हजार तक का जुर्माना हो सकता है।
यही वजह है कि चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों को लेकर भी लोग खासा सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन राहगीरों का कहना है कि विभिन्न चौराहों पर लगे सिग्नलों की टाइमिंग में एकरूपता नहीं होने की वजह से उनका सफर लंबा हो रहा है। हाल यह है कि एक से दूसरे चौराहे तक पहुंचने में ही काफी वक्त लग जा रहा है। राहगीर बताते हैं कि एक चौराहे पर पांच मिनट खड़े रहने के बाद सिग्नल हरा होने पर आगे बढ़े तो अगले चौराहे पर ही सिग्नल लाल होने की वजह से रुक जाना पड़ता है। यह समस्या उन मार्गों पर ज्यादा है जहां चौराहे अपेक्षाकृत करीब स्थित हैं। इस समस्या को अफसर भी स्वीकार करते हैं और पिछले दिनों हुई बैठक में एडीजी ने भी इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया था।
सुझावों, अनुभवों के आधार पर लिया गया निर्णय
यातायात पुलिस के अफसर बताते हैं कि फिलहाल चौराहों पर सिग्नलों की जो टाइमिंग है, वह ट्रैफिक पुलिसकर्मियों, अफसरों व कुछ जानकारों से मिले सुझावोें के आधार पर तय की गई है। मसलन ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से देखा जाए तो व्यस्ततम मार्गों में स्टैनली रोड सबसे प्रमुख है। इसी हिसाब से यहां आने व जाने के लिए सबसे ज्यादा 40 सेकंड का वक्त तय किया गया है। इसके विपरीत म्योर रोड पर आवागमन के लिए हरे सिग्नल की टाइमिंग 20 सेकंड की है। इसी तरह म्योहाल चौराहे पर स्टैनली रोड पर आने-जाने वालों के लिए 30-30 सेकंड का वक्त दिया जाता है।
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सेंसर से नियंत्रित होंगे सिग्नल
यातायात विभाग के अफसर बताते हैं कि फिलहाल पहले से तय वक्त के आधार पर सिग्नल जलते व बुझते हैं। जिससे अचानक किसी मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने या कम होने के बावजूद राहगीर को पहले से तय वक्त तक सिग्नल पर रुकना पड़ता है। यही वजह है कि आने वाले वक्त में सिग्नलिंग के लिए एडॉप्टिव सिस्टम अपनाने की योजना है। इसके तहत सिग्नल सेंसर से नियंत्रित होंगे और फिर यह ट्रैफिक के दबाव के अनुसार काम करेंगे। एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह ने बताया कि सिग्नल ऑपरेटिंग कंपनी एलएनटी इस दिशा में काम कर रही है और इस व्यवस्था के लागू होने के बाद राहगीरों को काफी राहत मिलेगी।
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