प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर भाकपा माले के राष्ट्रीय आवाहन पर मंगलवार को पाटी के जिला कार्यालय पर जुटे नेताओं ने लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राहत पैकेज के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार इस पर जवाब दे। वारकाजी फूलपुर, सेहुड़ा, शंकरगढ़, बारा, बरनपुर, कोरांव और झूंसी में भी प्रदर्शन किया गया। जिला कार्यालय पर जिला प्रभारी डॉ. कमल उसरी ने कहा कि लॉक डाउन के दो महीने हो गए लेकिन तमाम दावों के बाद भी हजारों, लाखों मजदूर सड़क पर भटक रहे हैं। हजारों किलोमीटर का पैदल सफर कर रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए परिवहन, भोजन की व्यवस्था कराकर सुरक्षित घर पहुंचाए। गांव पहुंचे लोगों को मनरेगा में काम, एक दिन की कम से कम 300 रुपये मजदूरी और लॉक डाउन अवधि में मजदूरों को आर्थिक सहायता राशि के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए जाएं। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रभारी के साथ अनिल वर्मा, सुनील मौर्य, शैलेस पासवान, अनिरुद्ध, प्रदीप, त्रिलोकी पटेल, देवानंद, सुभाष पटेल, राजाराम, पंचम लाल, राजन कोल, जलालुद्दीन, बाबू भाई आदि मौजूद रहे।