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नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: महागौरी

Sat, 28 Mar 2015 01:40 AM IST
अमित सरन/ अमर उजाला इलाहाबाद
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भगवती के आठवें महागौरी स्वरूप का पूजन अर्चन शुक्रवार को विधिविधान से हुआ।  देवी मंदिरों एवं घर-घर में कन्या पूजन और हवन हुए। शक्ति पीठ में जयकारे गूंजते रहे। मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में त्रिपुरसुंदरी भगवती ललिता का महाशृंगार सोने चांदी सहित मोती गुलाब, चमेली, रजनीगंधा व सुपाड़ी के फूलों से महागौरी स्वरूप में हुआ।शतचंडी महायज्ञ में सर्वकल्याण की कामना से आहुतियां डाली गई जिसमें संजीव अग्रवाल मुख्य यजमान थे। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की देखरेख में ढोल मंजीरा, शंखनाद के साथ महाआरती हुई। अखंड भंडारा में प्रसाद पाने को कतारें लगी। व्यवस्था में महामंत्री धीरज नागर, पीसीे वर्मा, सुमित श्रीवास्तव, भाईलाल यादव, दिलीप आदि जुटे।
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 कल्याणी देवी मंदिर में अध्यक्ष सुशील पाठक की देखरेख में देवी का सोने के आभूषणों से शृंगार हुआ। भगवती कल्याणी ने सोने का चेहरा व सिंह पर सवार होकर दर्शन दिए। गर्भगृह को मोतियों , सीप, कुंदन आदि से सजाया गया। सुबह से शुरू पूजन अर्चन का सिलसिला देर रात तक चला। बैंडबाजा के साथ निशान चढ़ाने को दूर-दूर से श्रद्धालु आए। महामंत्री श्याम जी पाठक के अनुसार शनिवार को देवी का सिद्धिदात्री स्वरूप में शृंगार होगा।

  शक्तिपीठ अलोपीदेवी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रधान पुजारी शिवानंद पुरी के निर्देशन में आचार्य पुरोहितों ने हवन हुआ।  चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के अष्टभुजी मंदिर, हाईकोर्ट पानी टंकी के अष्टभुजी मंदिर, हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ, कर्नलगंज, कटरा, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, चौफटका, समियामाई आदि मंदिरों में सप्तशती पाठ हुए।
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0 पूजी गई कन्याएं
 घर-मंदिर में कन्या भोज एवं पूजन हुआ। बेटियों को मां का स्वरूप मानकर पांव पखारकर दक्षिणा दी गई।  शक्तिपीठों में भी कन्याओं को खिलाने के लिए महिलाएं जुटीं। मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता पीठ, कल्याणी देवी मंदिर, अलोपशंकरी मंदिर, सिद्धपीठ खेमामाई आदि शक्तिपीठों में कन्या खिलाने के लिए होड़ रही।

 नवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री का पूजन अर्चन शनिवार को  होगा। महानवमी पर घरों, मंदिरों में याज्ञिक अनुष्ठान से नवरात्र की पूर्णाहुति होगी जबकि व्रत का पारण रविवार को होगा। अष्टमी तक का व्रत करने वाले श्रद्धालु हवन के बाद व्रत का पारण करेंगे।
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