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UP : इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या में दोषी नितिन ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, अगले हफ्ते होगी सुनवाई

Thu, 14 Aug 2025 08:45 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बुलंदशहर में तीन दिसंबर 2018 को गोकशी की अफवाह के बाद भड़की हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और युवक सुमित की मौत के मामले में सात साल का कारावास पाए नितिन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले की सुनवाई अगले हफ्ते होगी।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बुलंदशहर में तीन दिसंबर 2018 को गोकशी की अफवाह के बाद भड़की हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और युवक सुमित की मौत के मामले में सात साल का कारावास पाए नितिन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले की सुनवाई अगले हफ्ते होगी।

मामला सायना थाना क्षेत्र का है। गोकशी की अफवाह के बाद भड़की हिंसा की सूचना पर इंस्पेक्टर सुबोध टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान गोलीबारी हुई जिसमें सुमित की मौत हो गई। इसके बाद उग्र भीड़ ने इंस्पेक्टर पर हमला किया। इसमें उनकी भी मौत हो गई।

पुलिस ने अगले दिन 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की। 2019 में दाखिल आरोप पत्र पर ट्रायल के दौरान 26 गवाहों के बयान दर्ज हुए। इसके बाद सत्र अदालत ने नितिन को सात साल तक की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। इसके खिलाफ दोषी नितिन ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर सजा के निलंबन व जमानत पर रिहाई की मांग की है। दावा किया है कि वह नामजद नहीं था, विवेचना में बाद में उसका नाम जोड़ा गया। 

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जानकारी नहीं देने पर आगरा के पुलिस आयुक्त तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश के बावजूद मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर आगरा के पुलिस आयुक्त को 21 अगस्त को अदालत में स्पष्टीकरण सहित पेश होने या जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मांगी गई जानकारी न देना न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप है।

यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की अदालत ने बत्तो देवी व अन्य की याचिका पर दिया है। अदालत ने चार जुलाई को सरकारी अधिवक्ता से आरोपियों पर समन की तामीला संबंधी जानकारी मांगी थी। पांच अगस्त को दोबारा समय की मांग की गई। आदेश की सूचना पुलिस को दे दी गई है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इस पर कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर आगरा को व्यक्तिगत हलफनामे के साथ अदालत ने पेश होने का आदेश दिया है। 

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