आश्रम में अस्त्र-शस्त्र व भाला, तलवार चलाते की दी जाती है शिक्षा
गोपाल गिरी के गुरु भाई कमल गिरी बताते हैं कि कम उम्र के नागा संन्यासियों को आश्रम में सुबह से लेकर शाम तक पूजा-आरती, संस्कार और तलवार भाला जैसे अस्त्र-शस्त्र चलाने की शिक्षा दी जाती है। वह अन्य बच्चों की तरह खेलकूद नहीं करते हैं। वह अपना पूरा जीवन गुरु व भगवत प्रेम को समर्पित कर देते हैं।
बाल नागा शिवानंद गिरि।
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दस साल के नागा संन्यासी रहे आर्कषण का केंद्र
महाकुंभ में अटल अखाड़े के राजसी प्रवेश के दौरान अमरोहा से आए दस वर्षीय नागा संन्यासी शिवानंदी आकर्षण का केंद्र रहे। हर कोई छोटे संयासी को अपने कैमरे में कैद करने को आतुर दिखा। एक नागा संयासी ने बताया कि शिवानंदी को दो वर्ष की आयु में दीक्षा दी गई थी।