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प्रयागराज : एनआईए की एफआईआर में शहर के सात लोगों के नाम, प्रतिबंधित संगठन को सक्रिय करने की कोशिश का आरोप

Wed, 06 Sep 2023 09:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एनआईए की ओर से इसी साल जनवरी में यह केस दर्ज किया गया था। इसमें आरोप है कि कई फ्रंटल संगठनों व छात्र शाखाओं को यह काम दिया गया है कि वह सीपीआई(माओवादी) की विचारधारा प्रचार प्रसार करें।
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सीमा आजाद और उनके पति विश्वविजय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नक्सल मूवमेंट से जुड़े प्रतिबंधित संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश करने वालों पर एनआईए की कार्रवाई के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। पता चला है कि इस संबंध में एनआईए की ओर से जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें सात नाम प्रयागराज से जुड़े हैं। इनमें पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की प्रदेश अध्यक्ष सीमा आजाद, उनके पति विश्वविजय व भाई मनीष आजाद का नाम भी शामिल है।

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एनआईए की ओर से इसी साल जनवरी में यह केस दर्ज किया गया था। इसमें आरोप है कि कई फ्रंटल संगठनों व छात्र शाखाओं को यह काम दिया गया है कि वह सीपीआई(माओवादी) की विचारधारा प्रचार प्रसार करें। साथ ही कॉडर को मजबूत करने के लिए प्रेरित व भर्ती भी करें। यह कार्य सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की मंशा से किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस एफआईआर में सात आरोपी प्रयागराज के हैं। इसमें सीमा आजाद और उनके पति विश्वविजय के अलावा सीमा आजाद के भाई मनीष आजाद व भाभी अमिता शिरीन का नाम शामिल है। इसके अलावा तीन अन्य नाम रितेश विद्यार्थी, उनकी पत्नी सोनी आजाद व कृपाशंकर के हैं।

भोपाल में गिरफ्तार हो चुके हैं अमिता और मनीष

मनीष व अमिता मेहंदौरी में रहते हैं। दोनों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। अमिता भोपाल के एक स्कूल में शिक्षिका थीं। आठ जुलाई 2019 को दोनों को भोपाल में ही एटीएस ने गिरफ्तार किया था। उन पर संदिग्ध नक्सली होने का आरोप था। आरोप यह भी था कि वह घूम-घूमकर आम जनमानस को मीटिंग कर, आपराधिक षडयंत्र भड़काकर सशस्त्र विद्रोह करके सत्ता परिवर्तन करने की योजना बना रहे हैं।

उधर एक अन्य आरोपी रितेश मूल रूप से चंदौली के रहने वाले हैं लेकिन वर्तमान में वह धूमनगंज के सुलेमसराय में किराये पर रहते हैं। उनकी पत्नी सोनी आजाद भी आरोपी हैं, जो अधिवक्ता हैं। इसी तरह देवरिया निवासी कृपाशंकर भी अधिवक्ता हैं। सूत्रों का कहना है कि पिछले महीने ही बिहार पुलिस ने रितेश के भाई रोहित विद्यार्थी को गिरफ्तार किया था। रोहित से पूछताछ के बाद ही बिहार पुलिस ने प्रमोद मिश्रा नाम के व्यकित को गिरफ्तार किया था।

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प्रमोद सीपीआई के रीजनल प्रभारी है

सूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने अपनी जांच में पाया है कि प्रमोद सीपीआई (माओवादी) के नॉर्दर्न रीजनल ब्यूरो का प्रभारी व कोर कमेटी सदस्य है। वह ही संगठन को फिर से खड़ा करने के प्रयासों में लगे ओवर ग्राउंड वर्कर्स(ऐसे लोगों को जो संगठन को खड़ा करेन के लिए मदद उपलब्ध कराते हैं) का नेतृत्व करता है। इस मामले में सीमा आजाद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके घर छापा मारने आई एनआईए की टीम में शामिल अफसरों से लगातार यह पूछा गया कि वह किस मामले में सर्च वारंट बनवाकर घर की तलाशी ले रहे हैं, तो उन्होंने दोपहर तक कुछ नहीं बताया।

दोपहर बाद सारे दस्तावेजों की पड़ताल करने के उपरांत बताया कि उन्हें एनआईए की ओर से दर्ज कराए गए केस में आरोपी बनाया गया है। सीमा ने आरोप लगाय कि एफआईआर दर्ज करने से पहले जांच करने की बजाय एनआईए ने केस दर्ज किया और फिर उनके घर जांच करने पहुंची जो सरासर गलत और नियमविरुद्ध है।

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