इलाहाबाद। रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में गंदगी फैलाने वाले लोगों से अब और सख्ती से पेश आया जाएगा। इस मामले में एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) भी गंभीर है। एनजीटी ने रेलवे से ऐसे लोगों के नाम मांगे हैं जो रेलवे अफसरों द्वारा स्टेशन परिसर या फिर ट्रेनों में गंदगी फैलाते पकड़े गए हैं। इनसे भारी भरकम जुर्माना वसूल सकती है। यह पांच हजार रुपये तक भी हो सकता है।
केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से ही साफ सफाई अभियान पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। रेलवे स्टेशनों को चमकाने की मुहिम के तहत संपूर्ण भारतीय रेलवे में दो अक्तूबर 2014 से लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है। इस दौरान ढेरों यात्री ऐसे पकड़े गए जो स्टेशनों में या ट्रेनों में गंदगी फैला रहे थे। मौके पर इन यात्रियों से जुर्माना वसूले जाने की कार्रवाई रेलवे ने की। शायद इसी वजह से पिछले साल उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के सिर्फ इलाहाबाद में ही 19703 यात्रियों को गंदगी फैलाने के आरोप में पकड़ा गया। आगरा और झांसी मंडल में भी गंदगी फैलाने के आरोप में हजारों यात्री पकड़े गए। यात्रियों से मौके पर ही 50 लाख 71 हजार 760 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इतना सब होने के बाद भी स्टेशनों और ट्रेनों में गंदगी फैलाने से यात्री बाज नहीं आ रहे हैं। इन्हीं सबको देखते हुए अभी हाल ही में एनजीटी की ओर से रेलवे को पत्र लिखकर गंदगी फैलाने वाले लोगों की सूची मांगी गई है। इस बारे में एनसीआर के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डा. डीके त्रिपाठी का कहना है कि एनजीटी की मंशा है कि गंदगी फैलाने वाले लोगों पर ज्यादा से ज्यादा फाइन किया जाए। ताकि वे भविष्य में ऐसी गलती न करें। डा. त्रिपाठी के मुताबिक वर्तमान व्यवस्था के तहत अभी सिर्फ जुर्माना लेने के बाद गंदगी फैलाने वालों को छोड़ दिया जाता है, कुछ के ही नाम पते नोट किए जाते हैं। जिनके नाम उपलब्ध है उनके नाम एनजीटी को सौंपे जाएंगे। लेकिन अब गंदगी फैलाने वाले सभी लोगों के नाम, पता एवं मोबाइल नंबर नोट किया जाएगा। ताकि ऐसे लोगों की सूची एनजीटी को सौंपी जा सके।