उप्र लोक सेवा आयोग अध्यक्ष के खिलाफ छात्रों और प्रतियोगियों ने बुधवार को फिर इविवि छात्रसंघ भवन पर जुटने की घोषणा की है। वे छात्रों की रिहाई की भी मांग कर रहे हैं। शाम चार बजे होने वाली सभा में छात्रों ने शहर के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, व्यापारियों, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों आदि से भी शामिल होने की अपील की है।
मंगलवार को बैठक में छात्रों का कहना था कि डॉ. अनिल यादव के अध्यक्ष बनने के बाद दो साल में प्रतियोगियों पर 42 बार लाठीचार्ज हो चुका है। चार बार तो पुलिस ने गोली भी चलाई।
छात्राें ने आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। नियमों का हवाला देते हुए उनका कहना था कि विशेष परिस्थितियों में केंद्र सरकार सीबीआई जांच करा सकती है और यह स्थिति अब बन गई है। उन्हाेंने भाजपा पर इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति करने का आरोप लगाया। छात्रों ने 15 अप्रैल को शांति मार्च के दौरान लाठीचार्ज की भी न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने तथा पुलिस विभाग के अफसरों के खिलाफ एफआईआर लिखाने की बात कही।