इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में 17 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई के साथ पुराने छात्रों के लिए नए सत्र की शुरुआत होने जा रही है। इविवि में मोडल प्लेटफॉर्म एवं अन्य माध्यमों से ऑनलाइन पढ़ाई होगी। इसी क्रम में सीएमपी डिग्री कॉलेज में रविवार को इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने इंटीग्रेटेड वेबसाइट का उद्घाटन किया। संघटक महाविद्यालयों में सीएमपी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इंटीग्रेटेड वेबसाइट तैयार करने वाला पहला कॉलेज होगा। वेबसाइट में लाइव क्लास, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के साथ ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल की सुविधा भी दी गई है।
इविवि एवं संघटक कॉलेजों में 17 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई के साथ नए सत्र की शुरुआत होगी। इसके तहत स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र द्वितीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के छात्र तृतीय वर्ष की पढ़ाई करेंगे। सेमेस्टर सिस्टम में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। बाद में हालात सुधरने पर इन छात्रों को अपनी नई कक्षा के साथ पिछली कक्षा की परीक्षा भी देनी होगी। सीएमपी डिग्री कॉलेज की नई वेबसाइट में ‘सीएमपी लाइव’ के तहत ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की व्यवस्था की गई है। इसमें विद्यार्थी अपनी कॉलेज आईडी या एनरोलमेंट नंबर से लॉगइन करके लाइव क्लास को ज्वाइन कर सकेंगे। यह महाविद्यालयों को अपना विकसित प्लेटफॉर्म होगा।
ई-कंटेंट के बेहतर प्रबंधन के लिए वेबसाइट में अत्याधुनिक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम भी विकसित किया गया है, जिस पर पाठ्यक्रम के अनुसार विषय सामग्री को अपलोड करसकते हैं और विद्यार्थी भी लॉगइन करके अपनी सुविधानुसार इसे पढ़ सकते हैं। शिक्षकों को इसका प्रशिक्षण देने के लिए आईआईटी बीएचयू से कॉलेज का अनुबंध हुआ है। वेबसाइट के उद्घाटन पर डॉ. गोविंद गौरव ने इसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षत केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने की। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बजेश ने अतिथियों का स्वागत, डॉ. सरिता श्रीवास्तव ने संचालन एवं डॉ. मनीष कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इविवि में ई-ऑफिस का उद्घाटन आज
इविवि में 17 अगस्त को दोपहर 12 बजे ई-ऑफिस का उद्घाटन होगा। इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी की पहल पर विश्वविद्यालय के छात्रों ने ही इसके लिए सर्वर तैयार किया है। ई-ऑफिस में सभी काम पेपरलेस होंगे।
सीएमपी में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आज से
सीएमपी डिग्री कॉलेज में 17 अगस्त से पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के अधीन स्थापित टीचिंग लर्निंग सेंटर, आईआईटी बीएचयू के सहयोग से किया जा रहा है।