करंट लगने से प्रयागराज जंक्शन पर तड़पता युवक। फाइल फोटो
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उसका कहना है कि 15 दिसंबर को जीआरपी ने अमित को पकड़ा था और इसी दौरान वह भाग निकला था। भागते वक्त वह ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी पार कर रहा था और इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया।
इस दौरान उसके पास आधार कार्ड, नकदी के अलावा मोबाइल फोन भी था। लेकिन यह सामान उसे नहीं दिया गया। इस मामले में जीआरपी इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि जीआरपी थाना प्लेटफार्म एक पर है। जबकि घटना प्लेटफार्म सात-आठ पर हुई थी।
बता दें कि 15 दिसंबर को अमित जंक्शन पर करंट से झुलस गया था। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से दो घंटे बाद ही वह गायब हो गया था। अगले दिन यानी 16 दिसंबर को शाहगंज में लीडर रोड पर एक दुकान के बाहर मृत मिला था।