12वीं के बाद तकनीकी क्षेत्र में कुछ नया और बड़ा करने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एयरोस्पेस इंजीनियरिंग एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। इसी कड़ी में मोतीलाल नेहरू नेशलन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनएनआईटी) ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का नया कोर्स शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है।
संस्थान ने इस कोर्स को पूरी तरह आधुनिक तकनीकों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया है। प्रवेश के लिए पारंपरिक प्रक्रिया से अलग एआई ट्रिपल ई टेस्ट प्रस्तावित किया गया है, जिसे पास करने वाले विद्यार्थियों को ही इस कोर्स में दाखिला मिलेगा। शुरुआत में केवल 30 सीटें तय की गई हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और केंद्रित प्रशिक्षण मिल सके।
एमएनएनआईटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि चार साल के इस प्रोफेशनल कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को एयरोस्पेस सेक्टर की गहराई से जानकारी दी जाएगी। इसमें ड्रोन ऑपरेशन, एयरक्राफ्ट मॉडल डिजाइनिंग, फ्लाइट सिस्टम, रडार कंट्रोल जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र एविएशन, स्पेस रिसर्च और डिफेंस सेक्टर में फ्लाइट कंट्रोलर, रडार कंट्रोलर जैसे पदों पर कॅरिअर बना सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ गवर्नर से प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। अब अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। संस्थान की योजना है कि हरी झंडी मिलते ही इसी शैक्षणिक सत्र से कोर्स की शुरुआत कर दी जाए, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा का नया अवसर मिल सके। नई शिक्षा नीति के तहत भी ऐसे नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर व्यावहारिक और कौशल आधारित बन सके।
कोर्स की खास बातें
- 12वीं के बाद एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कॅरिअर का सुनहरा मौका
- एआई ट्रिपल ई टेस्ट के जरिये होगा दाखिला
- कुल 30 सीटें
- चार साल का कोर्स, ड्रोन व फ्लाइट सिस्टम की आधुनिक ट्रेनिंग
- फ्लाइट कंट्रोलर, रडार कंट्रोलर जैसे पदों पर रोजगार की संभावना
- बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मिली प्रारंभिक मंजूरी, जल्द शुरू होने की संभावना