-ई-संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिंह ने दी जानकारी
-अपर मुख्य सचिव ने कहा, प्रदेश में नीति के क्रियान्वयन की तैयारी तेज
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति पर काम शुरू कर दिया है और इसी आधार पर पाठ्यक्रमों का ब्ल्यू प्रिंट तैयार कराया जा रहा है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने सोमवार को ‘उच्च शिक्षा में समकालीन शैक्षिक मुद्दे एवं दूरस्थ शिक्षा की भूमिका’ विषय पर आयोजित ई-संगोठी में दी। इसमें अपर मुख्य सचिव मोनिका गर्ग भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की तैयारी तेजी से चल रही है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को कार्यरूप देने के लिए स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हो रही है। उन्होंने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति के आलोक में अपने पाठ्यक्रम में परिस्कार एवं परिमार्जन करें। कोविड-19 महामारी के इस आपात काल में लोगों को उच्च शिक्षा की ओर आकर्षित करने की क्षमता केवल दूरस्थ शिक्षा में है। दूरस्थ शिक्षा की भूमिका आज के समय में बहुत अधिक बढ़ गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के देश के सभी विश्वविद्यालयों के राष्ट्रीय प्रमुख श्रीहरि बोरिकर ने कहा कि यह देश की पहली शिक्षा नीति है जो केजी से पीजी तक समग्रता में किए गए विचार मंथन पर आधारित है।
अध्यक्षता कर रहे मुक्त विवि के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति की मंशा के अनुरूप मुख्य विषय, सहायक विषय एवं अनिवार्य विषय को तय करने के लिए विभिन्न स्तर पर ई-संगोष्ठी आयोजित कर रहा है। इसके फलस्वरूप बहुत ही बहुमूल्य सुझाव एवं संस्तुतियां प्राप्त हुईं हैं। ई-संगोष्ठी से प्राप्त सुझावों एवं संस्तुतियों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम में समाहित करने के लिये जल्द ही बोर्ड आफ स्टडीज, विद्यापरिषद एवं कार्यपरिषद की बैठक बुलाकर गहन ंविमर्श किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठयक्रम का ब्ल्यू प्रिंट राज्य सरकार एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को प्रेषित किया जायेगा। विषय प्रवर्तन करते हुए ई-संगोष्ठी के संयोजक स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. गिरिजा शंकर शुक्ल ने कहा कि नई शिक्षा नीति पर अब चर्चा नहीं, क्रियान्वयन का समय है और यही ई-संगोष्ठी का सार है। संगोष्ठी का ंसचालन डॉ. मीरा पाल एवं धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने किया।