मुंबई और गुजरात तक पहुंचता था नेटवर्क
जांच में पता चला है कि एमडी की सप्लाई यूपी के अलावा मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों में की जाती थी। करोड़ों रुपये की एमडी की बरामदगी इस बात का संकेत है कि इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नशीले पदार्थ की खेप कहां से आई, किसके निर्देश पर उसे यहां लाया गया।
पांच दिन बाद भी तस्करों का नहीं लगा सुराग
घटना के बाद पांच दिन भी स्थानीय पुलिस तस्करों के नेटवर्क का पता नहीं लगा सकी है। मांडा थाने की पुलिस के अलावा अन्य जांच एजेंसियां भी मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं। स्थानीय पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस व्यक्ति या गिरोह की पहचान करना है, जिसने इतनी बड़ी मात्रा में नशे का कच्चा माल खेत तक पहुंचाया था।
जांच का बढ़ सकता है दायरा
मुंबई, गुजरात और उत्तर प्रदेश के अलावा उन राज्यों में भी जांच आगे बढ़ सकती है, जहां इस नेटवर्क के जरिये नशीले पदार्थ की सप्लाई होने की जानकारी सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमडी मांडा के खेत तक किसके जरिये पहुंची और इसके पीछे कौन लोग हैं।