उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में शनिवार को दक्षिण भारतीय व्यंजनों और वहां की लोक संस्कृति से रूबरू होेने का मौका मिला। एक तरफ दक्षिण भारतीय लजीज व्यंजनों का स्वाद और दूसरी तरफ मुक्ताकाशी मंच पर दक्षिण की लोक संस्कृति की अनुपम छटा। ऐसा लग रहा था मानो केंद्र में लघु दक्षिण भारत बस गया हो। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी, विक्रमनाथ और मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने किया।
महोत्सव में लगे छह स्टालों पर तकरीबन 20 किस्म के डोसे, चार किस्मों के उत्तपम और तीन तरह की इडली है। इसके साथ ही प्लेन वड़ा, आलू वड़ा, मसाला वड़ा, पोंगल, लेमन राइस, टैमरिंडराइस, कर्ड राइस, कोकोनट राइस, मलाबार पूड़ी, अपम उपमा, दही बड़ा भी छह तरह की चटनियों के साथ है। दक्षिण भारतीय आचार, 16 तरह के अल्पाहार के काउंटर भी लगाए गए। इसके साथ ही बासूंड़ी, जलेबी और मैसूर पाल की मिठाई का स्वाद भी शहरियों ने लिया।
केंद्र में शुरू हुए डोसा महोत्सव में शहरियों ने दक्षिण भारतीय के चार मास्टर कुक के बनाए विभिन्न किस्मों के डोसा का स्वाद लिया। दक्षिण भारतीय परिधानों और आभूषणों के स्टालों पर भी महिलाओं ने खरीदारी की। सेल्फी प्वाइंट में फैमिली साइज डोसा के फ्लैक्स के सामने भी सेल्फी लेने में पीछे नहीं रहे। मुक्ताकाशी मंच पर दिल्ली से आए जया प्रदा मेनन एंड ग्रुप ने मोहिनीअट्टम की शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। वहीं संस्कार गीतों की प्रस्तुतियों से भी कलाकारों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
0 महोत्सव में प्लेन डोसा, ओनियन मसाला डोसा, बटर मसाला डोसा, घी रोस्ट मसाला डोसा, रवा प्लेन डोसा, रवा मसाला डोसा, रवा ओनियन डोसा, वेज रवा मसाला डोसा, सेट डोसा, पनीर डोसा, पालक डोसा, टोमैटो डोसा, कार्न डोसा, प्लेन मूंग दाल डोसा, मूंग दाल डोसा विथ उपमा, मूंग दाल डोसा विथ ओनियन, पूड़ी डोसा, मैसूर मसाला डोसा, आंद्रा एमएलए डोसा भी बनाया गया।