सुबह वह प्रयागराज आने की तैयारी में जुट गईं थीं। तबतक दिन के नौ बजे उसके श्वसुर जगदीश यादव का फोन आया कि नीतू का गला फंदे से कस गया है। वह आईसीयू में है, आप लोग आ जाइए। इतना सुनते ही किसी अनहोनी की आशंका से वह थरथर कांपने लगी। फिर बड़े बेटे अरुण, अभिषेक के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ वह यहां आई तब पता चला कि वह नीतू से अब कभी नहीं मिल सकेगी। वह हमेशा के लिए जा चुकी है।
भाई ने मौत की जांच के लिए उठाई आवाज
भाई अभिषेक यादव ने नीतू की रहस्यमय मौत की जांच कराने के लिए आवाज उठाई है। अभिषेक का कहना है कि एक दिन पहले तक वह स्वस्थ थी और वह ठीक से बात कर रही थी। अचानक ऐसा क्या हो गया कि उसने अस्पताल में ड्रिप वायर से फंदा लगा लिया। जिस ड्रिप वायर के सहारे हैंगर से लटकने की बात कही जा रही है, उसकी फर्श से ऊंचाई पांच फुट ही है। ऐसे में कैसे गला कस सकता है? सोचा जा सकता है। नीतू दो भाइयों के बीच में अकेली बहन थी।
बेटी के जन्म पर ताना मारने की बात पर पति ने दी सफाई
बेटी जन्म लेने पर पति के ताना मारने की वजह से नीतू के जान देने की बात कही जा रही है। इस पर पति राहुल ने सफाई दी है। राहुल का कहना है कि वह पढ़ा लिखा इंसान है। बैंक में प्रबंधक के पद पर तैनात है। दूसरी संतान बेटी होने पर भला वह ऐसी बात कैसे कर सकता है। उसे फंसाने के लिए इस तरह की कहानी गढ़ी जा रही है। हालांकि राहुल ने बताया कि नीतू कुछ दिनों से डिप्रेशन में थी। राहुल अस्पताल में बार-बार अपनी पत्नी की अच्छाइयां गिनाकर रोता-बिलखता रहा।