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NEET UG : एनसीसी बी प्रमाणपत्र धारकों को भी मिलेगा क्षैतिज आरक्षण का लाभ

Wed, 27 May 2026 08:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जून में प्रस्तावित नीट-यूजी परीक्षा में बी ग्रेड के साथ एनसीसी बी प्रमाणपत्र धारकों के लिए एक प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण लागू करने का आदेश दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जून में प्रस्तावित नीट-यूजी परीक्षा में बी ग्रेड के साथ एनसीसी बी प्रमाणपत्र धारकों के लिए एक प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण लागू करने का आदेश दिया है। इससे पहले केवल सी प्रमाणपत्र धारकों को ही आरक्षण का लाभ देने का नियम था। इसे कोर्ट ने भ्रामक और अव्यावहारिक करार दिया।

यह आदेश न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने जौनपुर निवासी सक्षम श्रीवास्तव की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने याची को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को नया पक्षकार बनाने की अनुमति दी। इसके बाद उसे निर्देश दिया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों को एनसीसी का बी प्रमाणपत्र ऑनलाइन अपलोड करने का मौका दे।

कोर्ट ने कहा कि काउंसलिंग से पहले सभी अभ्यर्थियों को इस नियम की जानकारी ई-मेल के जरिये दी जाए, ताकि वह अपना बी प्रमाणपत्र ऑनलाइन समय से अपलोड कर सकें। आरक्षण की मांग लेकर हाईकोर्ट पहुंचे याची के अधिवक्ता ने कर्नाटक और तेलंगाना के नियमों का हवाला दिया। कहा कि इन राज्यों राज्यों में अभ्यर्थियों को आरक्षण या भारांक का लाभ दिया जा रहा है।

राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रदेश सरकार दो फरवरी 2007 के शासनादेश के जरिये एनसीसी बी ग्रेड वाले सी प्रमाणपत्र धारकों को एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मुहैया करवा रही है। दूसरे राज्य के नियम इस राज्य में लागू नहीं होते। मौजूदा परीक्षा में फॉर्म भरते वक्त अभ्यर्थियों ने बी प्रमाणपत्र का जिक्र नहीं किया होगा। लिहाजा, याची की यह मांग स्वीकार करना तकनीकी तौर पर संभव नहीं है।

हालांकि, कोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलें सिरे से खारिज कर दीं। कहा कि यूपी सरकार की ओर से जारी 2007 का शासनादेश भ्रामक और निष्प्रभावी तो है ही, अव्यावहारिक भी है। सी प्रमाणपत्र स्नातक पाठ्यक्रम के दौरान या इसके बाद ही प्राप्त किया जा सकता है। जबकि, नीट-यूजी के तहत स्नातक स्तरीय एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला होना है। इससे पहले अभ्यर्थियों के लिए सी प्रमाणपत्र हासिल करना संभव नहीं है।

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