केंद्रीय कारागार नैनी में बीमारी में बीते 24 घंटे में दो कैदियों की मौत हो गई। दोनों के शवों को पंचायतनामा करके पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। चित्रकूट जनपद के रैपुरा थानांतर्गत हनुमानगंज अहिरन का पुरवा गांव निवासी बब्बू उर्फ पोखरिया (45) घूरपुर थाना क्षेत्र के पांडर गांव के समीप से हुए ठेकेदार नीरज अग्रवाल अपहरण कांड एवं हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था।
धारा 372 आईपीसी समेत अन्य धाराओं में 27 सितंबर 2015 में नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। वह बीमार चल रहा था। उसका जेल अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत खराब होने पर 12 जनवरी को एसआरएन अस्पताल भेजा गया था। जहां 14 जनवरी की भोर में चार बजे उसकी मौत हो गई। पता चलने पर उसकी पत्नी कमला देवी, उसके दोनों बेटे व परिवार के अन्य लोग एसआरएन अस्पताल पहुंच गए। वह विचाराधीन कैदी था।
रायबरेेली जनपद के लालगंज थानांतर्गत जगतपुर गांव निवासी बृजेश बहादुर सिंह (56) को अपहरण एवं दुराचार के मामले में 22 अगस्त 2006 को रायबरेली जनपद न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई थी। जिसमें 10 सितंबर 2006 को नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
उसकी शादी नहीं हुई थी। तब से वह सजा काट रहा था। इधर काफी दिनों से बीमार चल रहा था। जिसका जेल अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत ज्यादा बिगड़ने पर 13 जनवरी की देर रात उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके शव का पंचायतनामा करके पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया।
सतना के कारोबारी ने आधी रात नए पुल से यमुना में लगा दी छलांग
नए यमुना पुल से बीती रात एक युवक ने यमुना नदी में छलांग लगा दिया। वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने देेेखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर छानबीन की। पुलिस को पुल से एक बैग मिला जिसमें मिले कागजात के आधार पर घर वालों को सूचा दी गई।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोलगांव थानांतर्गत बांसनाका, टिकुरिया टोला रोड टावर के समीप निवासी जीतेंद्र गिलानी ( 40 ) पुत्र बृजलाल गिलानी कन्फेक्शनरी की दुकान चलाते हैं। परिजनों के मुताबिक वह बुधवार को घर से बिना बताए बैग लेकर निकला था। वह दोबारा लौटकर वापस नहीं गया। जीतेंद्र गिलानी ट्रेन से रात में नैनी रेलवे स्टेशन पर उतरा था। वहां से वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु (नए पुल) पर पहुंच गया और अपना बैग पुल पर रखकर रात में डेढ बजे के करीब यमुना में छलांग लगा दी। वहां मौजूद गार्ड ने देखा तो नैनी पुलिस को सूचना दी।
पता चलने पर जेल रोड चौकी इंचार्ज विमिलेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। वहां रखे बैग की तलाशी ली तो उसमें उसका आधार कार्ड और डायरी मिली। जिसके आधार पर नाम पता व मोबाइल नंबर मिला। जिसके जरिए घरवालों को सूचना दी गई। घरवाले पहुंचे और बृहस्पतिवार को उसकी गुमशुदगी नैनी कोतवाली में दर्ज कराई। इंस्पेक्टर नैनी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि गोताखोरों को लगाया गया था लेकिन पता नहीं चल पाया।