निदेशक पद के लिए साक्षात्कार में बुलाए गए अभ्यर्थियों में तीन प्रयागराज के ही हैं। इनमें लोकनाट्य कलाविद् अतुल यदुुवंशी, कथक केंद्र की निदेशक उर्मिला शर्मा और रंग कर्मी अजय केशरी के नाम शामिल हैं। एनसीजेडसीसी का प्रभार देख रहे आशिष गिरि ने भी साक्षात्कार में हिस्सा लिया। इनके अलावा अयोध्या शोध संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. लवकुश द्विवेदी भी इस पद के प्रबलतम दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं।
कलाकार भी निदेशक पद की दौड़ में शामिल
एनसीजेडसीसी सात राज्यों की लोक कला संस्कृति के उत्थान और प्रसार के लिए काम करने वाला संस्कृति मंत्रालय का सबसे बड़ा केंद्र है। नए निदेशक की नियुक्ति के बाद इस केंद्र की सांस्कृतिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि इस बार किसी कलाकार को भी एनसीजेडसीसी की कमान सौंपी जा सकती है।