प्रयागराज। संगम की रेती पर एनसीजेडसीसी की ओर से आयोजित ‘चलो मन गंगा यमुना तीर’ सांस्कृतिक संध्या मंगलवार को ब्रज समेत कई अंचलों के गीतों और नृत्यों की प्रस्तुतियों से यादगार बन गई। ब्रजक्षेत्र का प्रसिद्ध रसिया गायन हुआ। गोटीपुआ और घूमर लोक नृत्यों पर लोग झूमते -थिरकते रहे। परेड स्थित सांस्कृतिक पंडाल में आठवें दिन की प्रस्तुतियों का पहला चरण भजन, सुगम संगीत, बिरहा एवं लोकगीतों को समर्पित रहा। शाम को संगीत निशा की शुरुआत गंगा को समर्पित भजनों से हुई।
पटना के सत्येंद्र कुमार के भजन, प्रयागराज के धर्मेश दीक्षित के लोकगीत व ब्रज से आईं सीमा मोरवाल व उनकी टीम की ओर से भक्ति को समर्पित रसिया गायन सराहा गया। इनके बाद उड़ीसा के गोटीपुआ नृत्य, हरियाणा के पारंपरिक घूमर नृत्य, झारखंड के छऊ लोकनृत्य, राजस्थान के चरी एवं घूमर, ब्रज के रास, बुंदेलखंड के राई लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। एनसीजेडसीसी के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर उपस्थित थे।