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तेज रफ्तार में एनसीआर अव्वल, 140 जोड़ी ट्रेनों की रफ्ताई हुई 130 किमी प्रतिघंटा

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NCR tops in high speed, 140 pairs of trains were 130 kmph
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प्रयागराज। देश के सभी जोनल रेलवे के मुकाबले उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में मिशन रफ्तार का काम सबसे तेज हो रहा है। एनसीआर जोन देश का एकमात्र ऐसा जोन बन गया है, जहां 140 जोड़ी ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई है। सभी जोनल रेलवे के मुकाबले ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के मामले में एनसीआर अव्वल भी हो गया है। आने वाले दिनों में यहां 35 जोड़ी अन्य ट्रेनों की रफ्तार भी 130 किलोमीटर प्रतिघंटा किए जाने की तैयारी की गई है।
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300 जोड़ी ट्रेनों में 140 की रफ्तार हुई 130
लॉकडाउन के पूर्व एनसीआर जोन में 600 जोड़ी यात्री एवं 400 के आसपास गुड्स ट्रेनों का संचालन हो रहा था, लेकिन वर्तमान समय में यात्री ट्रेनों की संख्या 300 जोड़ी के आसपास है। इसी तरह गुड्स ट्रेनों की संख्या भी 300 से 350 के आसपास है। जिन 300 जोड़ी यात्री ट्रेनों का संचालन एनसीआर में हो रहा है उसमें 140 जोड़ी ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रतिघंटा कर ली गई है। इसमें से अधिकांश की स्पीड वर्ष 2020 में ही बढ़ाई गई।
कुंभ के बाद मिशन रफ्तार के काम में आई तेजी
उत्तर मध्य रेलवे जोन में ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने का कार्य बीते चार वर्ष से चल रहा है, लेकिन कुंभ मेले के बाद इस कार्य में खासी तेजी आई। दो वर्ष पूर्व एनसीआर जोन से गुजरने वाली सभी राजधानी, शताब्दी आदि ट्रेनों की ही अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर प्रतिघंटा थी, लेकिन इसके बाद पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, महाबोधि, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों की स्पीड बढ़ी। सबकुछ सही रहा तो 2023-24 तक जोन में चल रही ट्रेनों की स्पीड 160 किमी किए जाने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
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एलएचबी कोच का लगना, आधारभूत संरचना में सुधार से भी मिला फायदा
एनसीआर जोन में चलने वाली ट्रेनों को एलएचबी कोच से लैस करने का भी फायदा उनकी रफ्तार को बढ़ाने में कारगर साबित हुआ। जोन में चलने वाली प्रयागराज-उधमपुर, श्रमशक्ति, मंडुवाडीह-नई दिल्ली समेत तमाम ट्रेनें एलएचबी कोच से लैस कर दी गई हैं। इसके पूर्व इन ट्रेनों में लगे नीले आईसीएफ कोच को अधिकतम 110 किमी की रफ्तार से ही चलाया जा सकता था लेकिन एलएचबी कोच अधिकतम 170 से 180 किमी की स्पीड से चलाए जा सकते हैं। हालांकि इन्हें अभी जोन में 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ही चलाया जा रहा है। इसके अलावा लॉक डाउन के दौरान आधारभूत संरचना में काम काफी किया गया।
वंदे भारत एकमात्र ट्रेन जिसकी औसत स्पीड 104 किमी प्रतिघंटा
देश में 100 किमी प्रतिघंटा की औसत चाल वाली एकमात्र ट्रेन वंदे भारत भी एनसीआर जोन में कुंभ मेले के दौरान से चल रही है। इस ट्रेन की औसत गति 104 किमी प्रतिघंटा है। इसके अलावा प्रयागराज एक्सप्रेस भी एकमात्र 24 कोच वाली देश की पहली ट्रेन हो जो एनसीआर जोन में अधिकतम 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से नवंबर 2020 से चल रही है।
ट्रेनों को 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाने में एनसीआर नंबर वन हो गया है। मिशन रफ्तार के तहत यहां आने वाले दिनों में कुछ और ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ाने की तैयारी है। -अजीत कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनसीआर।
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