इलाहाबाद। गर्मी से छटपटा रहे आम जनमानस के लिए रविवार राहत की फुहारें लेकर आया। बंगाल की खाड़ी से इलाहाबाद पहुंचे मानसून के माध्यम से कुदरत ने अपना एसी आखिरकार ऑन कर दिया। रविवार दिन भर नरम गरम पानी बरसता रहा, जो देर रात तक जारी रहा। मानसून के गंगा के मैदान में पहुंचने का ही नतीजा रहा कि 12 घंटे के भीतर मौसम का पूरा मिजाज ही बदल गया। इस बारिश ने जहां शहरियों को आनंदित किया वहीं किसानों के माथे से शिकन भी दूर कर दी। अन्नदाता धान की खेती की तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए। मौसम विभाग की मानें तो सुबह से लेकर शाम तक 17 मिमी बारिश हुई। मानसूनी बारिश के चलते पारे ने नौ डिग्री का गोता लगाया।
जिससे भारी उमस, गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री दर्ज किया गया जो एक दिन पूर्व 40.2 डिग्री था। पारे में गिरावट का असर नमी पर भी दिखा। मौसम विभाग के मुताबिक न्यूनतम आर्द्रता 32 फीसदी से बढ़कर अचानक 64 फीसदी पर जा पहुंची जबकि अधिकतम आर्द्रता 80 फीसदी पहुंच गई।
जिसने शहरियों को गुनगुनी ठंड का भी एहसास कराया। मौसम के बदले मिजाज का ज्यादातर शहरियों ने घर में रहकर ही इसका लुत्फ उठाया। अवकाश होने की वजह से तमाम नौकरीशुदा लोगों ने भी बारिश का घर मेें चाय पकौडे़ के साथ मजा लिया। वहीं तमाम युवाओं ने बारिश के बीच शहर की सड़कों पर सरपट बाइकें दौड़ाकर बारिश का आनंद लिया। सिविल लाइंस समेत शहर के विभिन्न इलाकाें में चाय, समोसे की दुकानों पर दिन भर लोगों की भीड़ रही।
दूसरी ओर मौसम विज्ञानियों डॉ. एचएन मिश्रा, व प्रो. एसएस ओझा का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे मानसून ने अब विधिवत गंगा के मैदान में दस्तक दे दी है। यही मानसून एक दो दिनों में दिल्ली तक पहुंचेगा।
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स्वर्ग भी तो नरक भी
संसार के सारे आनंद स्वार्गिक ही नहीं होते। नगर निगम हमें नारकीय परिस्थितियों का भी बोध करता रहता है। बारिश ने अगर चिपचिपी गर्मी से राहत दी तो दूसरी ओर शहर की तमाम सड़कों पर बने गड्ढों में पानी जमा पानी ने लोगों का चलना फिरना दूभर का दिया। सड़कों पर पानी जमा होने व फिसलन होने की वजह से कई शहरी दोपहिया वाहनों से गिर गए जिन्हें हल्की फुल्की चोटें भी आईं।
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भीगते की मस्ती तो अकड़ जाएंगी मांसपेशियां
बारिश में भीगना व सड़कों पर सरपट बाइक दौड़ाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। वरिष्ठ फीजियोथेरेपिस्ट डॉ. राकेश चंद्रा के मुताबिक बारिश में भीगने व सरपट बाइक दौड़ाने से फाइब्रोसाइटिस हो सकती है जिसमें मांसपेशियां अकड़ जाती हैं और असहनीय दर्द होता है। डॉ. चंद्रा के मुताबिक बारिश में भीगने के बाद एसी, कूलर में बैठना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे सर्दी, जुकाम, व सिरदर्द की शिकायतें हो सकती है।
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बारिश से किसानों के चेहरे खिले
मौसम के बदले मिजाज और बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मानसून के देर से सक्रिय होने से किसानों को धान की फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा था। किसानों को धान की नर्सरी बचाने के लिए ट्यूबवेल से बार बार सिंचाई करनी पड़ रही थी। साथ ही बारिश न होने से किसान धान नहीं लगा पा रहे थे। अब जबकि बारिश हो गई है तो किसान गदगद हैं।