नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी कोर्ट में पेश हुए। पहली बार आनंद गिरि व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व मठ बाघंबरी गद्दी के महंत रहे नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी उनके शिष्य आनंद गिरि चार साल चार माह बाद मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से जिला अदालत के एससी/एसटी कोर्ट में पेश हुए। आनंद गिरि 22 सितंबर 2021 से जेल में बंद हैं। उन्हें चित्रकूट की जिला जेल से पेशी के लिए लाया गया था। पेशी के दौरान उन्होंने कोर्ट से अपील की जब एफआईआर सीबीआई ने दर्ज की है तो मामले की सुनवाई भी उसी की अदालत में की जाए। अब मामले की सुनवाई तीन फरवरी को होगी। महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर 2021 को बाघंबरी मठ में अपने कक्ष में मृत पाए गए थे।
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उनके शिष्यों ने उनका शव लटकता पाया था। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। उसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी (बड़े हनुमान मंदिर के तत्कालीन पुजारी) और उनके बेटे संदीप तिवारी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। घटना के अगले दिन 21 सितंबर 2021 को जॉर्जटाउन थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
बाद में सीबीआई की ओर से 18 नवंबर 2021 को दायर आरोपपत्र में हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप भी जोड़े गए।इसी मामले में आरोपी बनाए गए आद्या तिवारी और संदीप तिवारी भी कोर्ट में हुए पेश। नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी बनाए गए आद्या तिवारी और संदीप तिवारी भी कोर्ट में पेश हुए। आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उनका बेटा संदीप तिवारी आरोपी बनाए गए हैं। आद्या तिवारी को 14 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, जबकि संदीप तिवारी नैनी जेल में बंद है। ब्यूरो