बदलते समय की कृषि व्यवस्था में नैनो उर्वरक किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इनके प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ खेती की लागत में भी कमी आती है।
यह बात इफको के राज्य विपणन प्रबंधक उत्तर प्रदेश यतेंद्र कुमार तेवतिया ने शनिवार को सेफखानपुर गांव में आयोजित किसान चौपाल में कही। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व सही समय पर मिलते हैं और मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। उन्होंने स्मार्ट नैनो उर्वरकों के प्रयोग पर जोर दिया। महिला कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद तैयार कर उन्हें आय का साधन बनाने के लिए प्रेरित किया।
कारडेट के प्रधानाचार्य डॉ. डीके सिंह ने जैव उर्वरक एवं जैव अपघटकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों की खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान बताया। इस दौरान इफको किसान सेवा केंद्र प्रभारी अमन सिंह, बीडी सिंह, आईआरडीपी प्रभारी राजेश कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार पटेल, सुमित तेवतिया, वीरेंद्र सिंह, अनारा देवी, शांति देवी, चंद्रकली, राम सजीवन, प्रेमचंद मौजूद रहे।