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शुआट्स छात्र अपहरणकांड: चार महीने पहले से बन रही थी अपहरण की योजना

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naini shuats student kidnapping case
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अपहरण की खातिर लिया था पंद्रह हजार किराए पर मकान
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पुलिसकर्मी है फरार आरोपियों में एक का पिता
गिरफ्तार तीन आरोपियों को भेजा गया जेल, बाकी की तलाश में दबिश
नैनी। शुआट्स छात्र शुभम द्विवेदी अपहरण कांड में फरार चार आरोपियों में से एक सिपाही का बेटा है। जिसके पिता पुलिस विभाग में दीवान हैं और वर्तमान में बनारस में तैनात हैं। पुलिस के अनुसार शंशाक ओझा उर्फ शंशाक तिवारी के पिता पुलिस विभाग में दीवान हैं। वह एडीए के जिस मकान का दूसरा तल किराए पर लिया था, उसका मासिक किराया 15 हजार रुपए देता था और अकेले रहता था। सूत्रों के अनुसार चार से पांच महीने पहले ही शुभम द्विवेदी के अपहरण की योजना बन गई थी। इसलिए वह मकान भी किराए पर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं की पूरी योजना थी कि शुभम को लाकर उसी घर में रखा जाएगा। चार महीने की रेकी और सुनियोजित योजना तय होने के बाद 28 अगस्त को शुभम द्विवेदी का अपहरण किया गया था।
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गौरतलब है कि शुभम द्विवेदी अपहरणकांड में शनिवार देर रात पुलिस ने कुल सात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया। जिसमें से तीन आरोपियों मनीष त्रिपाठी निवासी लखनपुर कोरांव, अभिषेक सिंह निवासी सोनवर्षा, बारा व बृजेंद्र सिंह उर्फ चंकी की गिरफ्तारी दिखाकर कोर्ट में पेश किया। जहां से रविवार को तीनों को जेल भेज दिया गया। इसमें मुख्य आरोपी मनीष त्रिपाठी को बनाया गया है। जिसके पास से 315 बोर के एक तमंचे व दो कारतूस की भी बरामदगी दिखाई गई है। इस प्रकरण में अभी राहुल रोहित जोसेफ निवासी ईसाई बस्ती, नैनी, शंशाक ओझा उर्फ शशांक तिवारी निवासी एडीए कालोनी, नैनी, पंडित उर्फ जीशान और नुरैन निवासी इंदलपुर, नैनी फरार है। घटना वाले दिन ही हिरासत में लिए गए शुभम द्विवेदी के दोस्त सुमित सिंह और राहुल सिंह परिहार का पुलिस की जांच में कोई अपराध सामने नहीं आया। इसलिए सुमित सिंह और राहुल सिंह परिहार को पुलिस ने क्लीन चिट देकर छोड़ दिया। उधर शंशाक अपने पिता तुलाराम द्विवेदी एवं बहनोई मनोज मिश्रा के साथ अपने गांव बढ़ैया, शंकरगढ़ चला गया।
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