नैनी जिला कारागार में बंद अतीक के बेटे अली अहमद के पास 1100 रुपये नकद मिलने के मामले में 40 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में यह राज बना हुआ है कि आखिर इस मामले में दोषी कौन है। जांच अधूरी होने को लेकर तरह-तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
घटना 17 जून की है, जब मुख्यालय से मिली सूचना के आधार पर डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव ने नैनी जेल में छापा मारा था। इस दौरान अली के पास से जेल के भीतर नकदी बरामद की गई थी। चार दिन बाद डिप्टी जेलर और एक हेड वार्डर को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद ही मुख्यालय की ओर से डीआईजी जेल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।
समिति को यह पता लगाना है कि जेल के भीतर बंदी के पास नकदी कैसे पहुंची और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। अभी तक निलंबित की गईं डिप्टी जेलर का बयान भी नहीं हो सका है, जिससे जांच लंबित है। डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि प्रक्रिया जारी है और जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। डीजी जेल पीसी मीणा निरीक्षण के लिए नैनी केंद्रीय कारागार पहुंचे थे, तब उन्होंने भी यह स्पष्ट किया था कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच कब तक पूरी होगी, इस पर उन्होंने कुछ बोलने से इन्कार कर दिया था।