क्या है हाई सिक्योरिटी सेल और बैरक
केंद्रीय कारागार नैनी में बड़े अपराधियों को रखने के लिए हाई सिक्योरिटी सेल और हाई सिक्योरिटी बैरक की व्यवस्था है। हाई सिक्योरिटी सेल में 6-8 फीट के 12 कमरे हैं। एक कमरे में एक बंदी को रखा जाता है। यह एक अंडाकार सेल है, जिसमें हर कमरे एक-दूसरे के सामने पड़ते हैं। वहीं हाई सिक्योरिटी बैरक में लगभग 24 कमरे हैं। एक कमरे में तीन से चार बंदियों को रखे जाने की व्यवस्था होती है। हाई सिक्योरिटी बैरक में इस समय उग्रवादी, बांग्लादेशी पाकिस्तानी और पीओके के बंदियों को रखा गया है। हाई सिक्योरिटी सेल और हाई सिक्योरिटी बैरक में रहने वाले बंदियों को विशेष अवस्था पर ही सेल और बैरक से बाहर लाया जाता है।
मुलाकात के 24 घंटे बाद डीआईजी ने की छापेमारी, उठे सवाल
अली से सोमवार को अधिवक्ता मुलाकात करने पहुंचा था। लेकिन, मंगलवार को डीआईजी ने उसकी बैरक की तलाशी ली तो उसके पास से नकदी बरामद की गई। ऐसे में एक सवाल यह खड़ा होता है कि 24 घंटे में उसकी तलाशी एक बार भी नहीं की गई। जबकि हाई सिक्योरिटी सेल पूर्ण रूप से सीसीटीवी कैमरे से कैद है और बंदी रक्षक व लंबरदारों की वहां ड्यूटी लगाई जाती है। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक कार्यालय के पास एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां पर हर समय बंदी रक्षकों की ओर से पूरे जेल परिसर की निगरानी की जाती है। हालांकि, मामले में जांच बैठा दी गई है।