प्रयागराज कुंभ मेले मेंं एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां नागा साधु और श्रद्धालु में झगड़ा हो गया। इस दौरान तीन नागा साधुओ नेे चिमटे से वार कर दिया, जिससे श्रद्धालु का सिर फट गया। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, पुलिस ने नागा साधुओं को हिरासत में लेकर घायल को अस्पताल पहुंचा दिया।
मामला सेक्टर 15 का है, यहां एक नागा साधु से किसी बात को लेकर श्रद्धालु से बहस हो गई। इस दौरान २ और नागा साधु आ गए हैं, बात बढ़ती देख उन्होंने चिमटे हमला कर दिया। इससे श्रद्धालु का सिर फट गया। स्थानीय लोगों ने दोनों का बीच-बचाव किया और इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस मौके पर पहुंचते ही घायल हो अस्पताल भेज दिया और तीनों नागा साधुओं को हिरासत में ले लिया। मामले की जांच की जा रही है।
श्रद्धालुओं पर चिमटा चलाने वाले दोनों नागाओं पर जूना अखाड़ा कार्रवाई करेगा। जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरी ने बताया कि जल्द ही बैठक कर दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। दोनों को अखाड़े से निष्कासित भी किया जा सकता है।
श्रद्धालुओं पर चिमटा चलाने वाले दोनों नागा साधु दिनेश गिरि और कैलाश गिरि, महाराज अर्जुन गिरि के चेले हैं। दोनों पाली राजस्थान के संतोषी माता मंदिर राणावास के रहने वाले हैं। दोनों ने कई श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। बलिया से आए श्रद्धालु सतीश राय का सिर फूट गया। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। बाद में पुलिस ने दिनेश गिरि और कैलाश गिरि को गिरफ्तार कर लिया।
इस बात की सूचना जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरि को हुई तो उन्होंने मौजगिरी मंदिर में अखाड़ा परिषद के संतों के साथ बैठक की। हरि गिरि महाराज ने बताया कि मेले में श्रद्धालु या किसी को भी पीटना सनातन परंपरा के विरुद्ध है। अखाड़ा परिषद इस मामले में कठोरतम कार्रवाई करेगा। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। दोनों को अखाड़े से निष्कासित भी किया जा सकता है। इस बारे में जल्द ही सूचना दी जाएगी।