Myanmar army learned disaster relief lesson
प्रयागराज। मध्य वायु कमान मुख्यालय बम्हरौली पहुंची म्यांमार की वायु सेना ने बुधवार को भारतीय वायु सेना से आपदा राहत का पाठ सीखा। इस दौरान भारतीय वायु सेना के अफसरों ने म्यांमार की सेना को कम से कम समय में आपदा राहत पहुंचाने के गुर बताए। बम्हरौली में आए म्यांमार के इस दल को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मेजर जनरल वीके नाइक और वायु सेना के बीएसडी कुमार, सुनामी नायक ने आपदा राहत से जुड़ी तमाम बारीकियों के बारे में बताया।
दरअसल म्यांमार वायुसेना का 20 सदस्यीय दल मंगलवार 25 फरवरी को यहां तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए पहुंचा है। इस प्रशिक्षण का मकसद है कि आपदा के दौरान प्रभावित लोगों के बीच कम से कम समय में कैसे राहत पहुंचाई जाए। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एवं विंग कमांडर शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि नेपाल में आए भूकंप और केदारनाथ में आई तबाही के दौरान भारतीय वायु सेना ने क्रमश: ऑपरेशन मैत्री एवं ऑपरेशन राहत चलाया था। इस दौरान हजारों लोगों को सेना ने राहत पहुंचाई थी। भारतीय वायु सेना के इस अनुभव को देखते हुए म्यांमार ने अपना दल कर्नल थिएन तुन ऊ के नेतृत्व में यहां आया हुआ है। इस कार्यक्रम का नाम ‘एक्स-कुनेपर 2020’ रखा गया है। इसे म्यांमार की भाषा में सहायता बोला जाता है। विंग कमांडर के अनुसार इस दौरान खोज एवं बचाव मिशन की प्रक्रियाओं को साझा किया गया। कार्यक्रम में मेजर जनरल वीके नाइक ने म्यांमार के दल को बताया कि दैवीय आपदा के समय बहुत सावधानी से काम करने की जरूरत होती है। इस दौरान सवाल जवाब का भी सत्र चला। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन बृहस्पतिवार को होगा।