सूत्रों के मुताबिक हॉस्टल के एक कमरे पर अवैध अंत:वासी का 20 साल से कब्जा है। रेड के दौरान वह हॉस्टल में मौजूद थे। पुलिस के लौटने के बाद उसने और कुछ अन्य अवैध अंत:वासियों ने अधीक्षक पर दबाव बनाया कि सीज किए गए कमरे किसी भी सूरत में दूसरे छात्रों को आवंटित नहीं किए जाने चाहिए। अधीक्षक को धमकी भी दी गई।
हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. इरफान अहमद खान ने भी माना है कि सीज कमरे किसी छात्र को आवंटित न किए जाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा और इसके लिए धमकी भी मिली है। इस मसले पर डॉ. खान पुलिस में अपनी शिकायत भी दर्ज कराएंगे। डॉ. खान का कहना है कि उनकी और अन्य छात्रों की सुरक्षा के लिए हॉस्टल के बाहर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती आवश्यक हो गई है।
अध्यक्ष का निर्देश, मेरिट के हिसाब से आवंटित हों कमरे
हॉस्टल के सात कमरों को सीज किए जाने के साथ ही सात छात्रों के कमरे का आवंटन भी निरस्त किया गया है। हॉस्टल अधीक्षक डॉ. इरफान अहमद खान के अनुसार मुस्लिम बोर्डिंग हाउस ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एस. अहमद अली ने निर्देश दिए हैं कि हॉस्टल में कमरों का आवंटन मेरिट के आधार पर किया जाए। डॉ. इरफान ने बताया कि जिन छात्रों ने पिछले सत्र की फीस जमा नहीं की है, उन्होंने बुधवार को इस बारे में पूछताछ की है। उम्मीद है कि वे जल्द ही फीस जमा कर देंगे। नए सत्र की फीस में इविवि प्रशासन कुछ बदलाव कर सकता है, लेकिन इसके बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थिति स्पष्ट होते ही नए सत्र के लिए कमरे आवंटित किए जाएंगे।