कोरांव (इलाहाबाद)। यमुनापार में कोरांव के बेलवट गांव में रविवार रात साधु रामबरन यादव को लाठी-डंडे से पीटकर मार डाला। सोमवार सुबह खेतों के बीच पेड़ के नीचे शव देख परिजनों को पता चला। बेटे ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस कातिलों के बारे में छानबीन कर रही है।
कोरांव इलाके के बेलहट गंाव निवासी रामबरन यादव (55) करीब 20 साल से साधु जीवन व्यतीत कर रहा था। वह ज्यादातर बाहर रहता। कभी-कभार ही घर आता था। उसके दो बेटे हैं बृजमोहन तथा अरुण कुमार। रामबरन के बड़े भाई राजनारायण ने नि:संतान होने की वजह से भतीजे अरुण को गोद ले लिया था। कई दिन तक बाहर रहने के बाद आठ अक्तूबर को रामबरन घर आया था।
रविवार शाम वह खेत पर बने मकान में चला गया। सोमवार सुबह बेटे बृजमोहन और अरुण खेत की तरफ गए तो वहां बरगद के पेड़ के नीचे पिता रामबरन की लाश देख सन्न रह गए। खबर फैली तो वहां भीड़ लग गई। फिर कोरांव थाने की पुलिस भी पहुंची। रामबरन के शरीर पर लाठी-डंडे से पीटने के निशान थे। हत्या किसने और क्यों की, फिलहाल यह रहस्य बना हुआ है।
घटना के बाद से गायब बड़ा पुत्र बृजमोहन पुलिस के शक के दायरे में है। हालांकि छोटे पुत्र अरुण ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाऊस भेजकर छानबीन शुरू की है। जांच में पुलिस को पता चला है कि बृजमोहन और उसके छोटे भाई अरुण के बीच घर के सामने की जमीन को लेकर बना था। रविवार को दोनों भाई उस जमीन की नापजोख करते दिखे थे। उनके बीच झड़प भी हो गई थी। रामबरन ने छोटे बेटे का पक्ष लिया फिर गुस्से में घर से निकलकर खेत वाले मकान में चला गया था।