करेली में एक दिन पहले दिनदहाड़े युवक की हत्या के मामले का आरोपी मंगलवार शाम लखनऊ से पकड़ा गया। चर्चा रही कि उसे लखनऊ पुलिस ने पकड़ा। हालांकि पुलिस उसके पकड़े जाने की बात से इंकार करती रही। उधर पोस्टमार्टम के बाद मृतक का अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर हुआ। धुस्सा धूमनगंज के रहने वाले सुनील कुमार प्रजापति की सोमवार शाम करेली के पुष्पांजलि नगर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइकसवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उस पर हमला किया था। दोनों ने नकाब बांध रखा था।
पत्नी ज्योति की तहरीर पर धूमनगंज निवासी विजय श्रीवास्तव व विशाल श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस का दावा था कि रात में ही उनके घर दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिले। पुलिस दिन भर उसकी तलाश में जुटी रही। चर्चा रही कि शाम को मुख्य आरोपी विजय को लखनऊ में पकड़ा गया। सूचना पर पहुंची करेली पुलिस उसे लेकर शहर के लिए रवाना भी हो गई। हालांकि करेली इंस्पेक्टर विनोद कुमार इससे इंकार करते रहे। उनका कहना था कि आरोपी की तलाश की जा रही है। उधर दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद रसूलाबाद घाट पर मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मृतक के मरने के बाद ही भागे थे हत्यारे
उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया कि सुनील के हत्यारे किसी तरह की हड़बड़ी में नहीं थे। वह उसे एक गोली मारकर नहीं भागे थे बल्कि उसके शरीर में एक के बाद एक तीन गोलियां उतार दी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस की यह थ्योरी खारिज हो गई कि बदमाशों ने चलते हुए उसे गोली मारी। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर में तीन गोलियां फंसी मिलीं। एक गोली दाहिनी कनपटी, दूसरी गोली सिर के पिछले हिस्से और तीसरी गोली पीठ पर मारी गई थी। इससे माना जा रहा है कि सुनील की मौत की तसल्ली होने के बाद ही वह मौके से भागे।