इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीवर की सफाई और अतिक्रमण के मामले में प्रयागराज नगर निगम व प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि नाली-सीवर की सफाई व सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त की ड्यूटी में नगर निगम व पीडीए फेल है। इस तल्ख टिप्पणी संग मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने नगर आयुक्त व पीडीए के अधिकारियों से एक अगस्त तक व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है।
प्रयागराज निवासी शंभूनाथ सिंह व अन्य नागरिकों ने जनहित याचिका दाखिल कर कोर्ट को बताया कि देवप्रयागम फेज-दो, पीडीए कॉलोनी झलवा में सीवर की सफाई न होने व फुटपाथों पर अतिक्रमण से लोगों को परेशानी हो रही है। इस संबंध में याचियों ने तस्वीरें भी पेश कीं। वहीं, नगर निगम के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिका दाखिल होने के बाद नाले और सीवर की सफाई के लिए कदम उठाए गए।
कोर्ट ने किया सवाल
कोर्ट ने कहा कि नगर आयुक्त व पीडीए के अधिकारी बताएं कि साफ-सफाई व अतिक्रमण को लेकर याचिका दाखिल करने के बाद जो कार्रवाई की, वह नागरिकों की ओर से की गई शिकायत पर क्यों नहीं की गई?
पेश की गईं तस्वीरों को देखकर यह स्पष्ट है कि नाले व सीवरेज की सफाई को लेकर नगर निगम का रवैया ढुलमुल है, जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
-इलाहाबाद हाईकोर्ट