चार अगस्त को पुलिस ने लखनऊ से किया था गिरफ्तार
कासगंज जेल में बंद उमर अंसारी की जमानत अर्जी को एडीजे प्रथम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मां अफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर कर जालसाजी के मामले में उमर अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। 21 अगस्त को गाजीपुर की एडीजे प्रथम कोर्ट ने उमर अंसारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उमर अंसारी के खिलाफ गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में 3 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। चार अगस्त को उमर अंसारी को पुलिस ने लखनऊ के दारूलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया था।
उमर के खिलाफ थानाध्यक्ष मुहम्मदाबाद ने एफआईआर दर्ज कराई थी। जिस प्रॉपर्टी के लिए फर्जी हस्ताक्षर का आरोप है उसकी कीमत 10 करोड़ से अधिक है। यह प्रॉपर्टी सदर कोतवाली के बल्लभ देवढ़ी दास मोहल्ले में स्थित है। इसके डीएम के आदेश पर 2021 में कुर्क किया गया था। इसी भूमि को रिलीज कराने के लिए कोर्ट में दस्तावेज जमा किए गए थे। जांच में पाया गया कि दस्तावेजों पर जो हस्ताक्षर हैं वह अफ्शां के नहीं हैं। जब्त प्रॉपर्टी मुक्त कराने के लिए उमर अंसारी ने मां आफशां अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर से वकालतनामा दाखिल किया गया था, जबकि मां मां आफशां अंसारी फरार हैं। आफशां अंसारी पर 50 हजार का इनाम घोषित है।
संबंधित वीडियो-