इलाहाबाद। मरियाडीह में पिछले शुक्रवार की रात हुए डबल मर्डर में खासा घमासान मच गया है। शनिवार को आबिद प्रधान ने दर्जनों लोगों के साथ आईजी और एसएसपी कार्यालय में विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्व सांसद अतीक अहमद से मिलकर कहा कि पुलिस दोहरे कत्ल के आरोपियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बरत रही है। दूसरी तरफ आरोपियों के परिवार के लोगों ने भी फर्जी नामजदगी का आरोप लगाते इस घटना की जांच सीबीआई या सीआईडी से कराने की मांग की। इस मामले में दो तरफा दबाव से पुलिस अफसर भी सकते में हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच की जा रही है।
बमरौली के पास मरियाडीह गांव में 25 सितंबर शुक्रवार की रात आबिद प्रधान की फॉरच्यूनर पर जबरदस्त फायरिंग में उनकी चचेरी बहन अल्कमा और ड्राइवर सुरजीत पटेल उर्फ गोरे की मौत हो गई थी। आबिद का कहना है कि वह कुछ ही मिनट पहले गाड़ी से उतरकर एक करीबी से बकरीद मिलने चले गए थे, वरना निशाने पर तो वही थे। आबिद ने हत्याकांड में कम्मू, जाबिर, साबिर, इंतेखाब आलम, तौसीफ, मकसूद, वसी अहमद के खिलाफ केस लिखाया है। अब तक पुलिस ने एक भी आरोपी को नहीं पकड़ा अलबत्ता एक फॉरच्यूनर जब्त की गई है। तब से आरोपियों के परिवार के लोग लगातार पुलिस अफसरों से मिलकर फर्जी नामजदगी की बात कह रहे हैं। शनिवार को जाबिर के पिता हाजी अख्तर हुसैन, कम्मू की पत्नी सबीना समेत दूसरे आरोपियों के परिवार की महिलाओं-पुरुषों ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों से कहा कि प्रधानी की रंजिश में यह वारदात कर दुश्मनों को फंसाया गया है। हाजी अख्तर ने कहा कि इंतेखाब से प्रधानी का चुनाव हारने के डर से आबिद ने यह साजिश रची। कम्मू-जाबिर तो घटना के वक्त कौशाम्बी के लोहरा गांव में अपने रिश्तेदारी में मौजूद थे।
उन्होंने इस घटना पर कई सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी सीबीआई से जांच कराई जाए। आरोप लगाया कि विधायक विजमा यादव के भाई रामलोचन के दबाव पर घटना के कई घंटे बाद भोर में चार बजे फर्जी नामजदगी की गई थी। उधर, प्रधान आबिद ने भी दर्जनों महिलाओं-पुरुषों के साथ शनिवार को पहले आईजी जोन से मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस की शिथिलता पर गुस्सा जताया। आईजी ने भरोसा दिया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। फिर एसएसपी कार्यालय में भी विरोध प्रदर्शन के बाद आबिद समेत दर्जनों लोगों ने चकिया स्थित कार्यालय में पूर्व सांसद अतीक अहमद से मिलकर कहा कि पुलिस गिरफ्तारी में ढिलाई बरत रही है। सूचना पाकर वहां सीओ प्रथम रूपेश सिंह भी खुल्दाबाद पुलिस के साथ आ गए। अतीक ने सीओ से कहा कि पुलिस को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। उधर, एसपी सिटी राजेश यादव का कहना है कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रही है। छापेमारी की गई है पर अभी कोई मिला नहीं।