पिछले कई दिनों से विलंब से इलाहाबाद पहुंच रही मुरी एक्सप्रेस शनिवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना के लिए समय से यहां पहुंच गई। ऐसा इसलिए क्योंकि महाप्रबंधक को मुरी एक्सप्रेस के इंजन में सवार होकर कानपुर जाना था। इसके लिए बीच रास्ते छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस-पैसेंजर एवं मालगाड़ियां रोक ली गईं। समय पर मुरी इलाहाबाद पहुंच तो गई, लेकिन यहां से चलने के बाद उसका इंजन फेल हो गया। बाद में एक दूसरा इंजन भेजा गया। तब तक महाप्रबंधक एक दूसरी ट्रेन स्वतंत्रता सेनानी में सवार होकर कानपुर चले गए।
निरीक्षण के लिए एनसीआर के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना को शनिवार की सुबह मुरी एक्सप्रेस से कानपुर जाना था। लेकिन पिछले कई दिनों से मुरी इलाहाबाद समय से नहीं पहुंच रही थी। इसे देखते हुए आज सुबह से कंट्रोल रूम में रेलवे के वरिष्ठ अफसर पहुंच गए। एनसीआर जोन में मुरी के प्रवेश करने के बाद उस पर निगाहें टिक गईं। इलाहाबाद पहुंचने में ट्रेन लेट न हो इसके लिए मुंबई जनता को रोक कर मुरी को पास किया गया।
ऊंचडीह में चुनार पैसेंजर को तो नैनी में गोदान एक्सप्रेस को रोक कर मुरी पास कर दी गई। इसके पहले भीरपुर में मेन लाइन में मालगाड़ी खड़ी थी तो वहां लूप लाइन से मुरी को निकाला गया। जंक्शन पहुंचने के बाद ट्रेन में जीएम सवार हो गए। भरवारी पहुंचते ही ट्रेन का इंजन फेल हो गया। ट्रेन में जीएम थे, सो इलाहाबाद में हड़कंप मच गया। सुबह 10.20 बजे हुए इस वाकये के बाद मनौरी से एक दूसरा इंजन भेजा गया। इस बीच वहां स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पहुंच गई। जीएम के लिए वहां ट्रेन रुकवाई गई। इसके बाद वे स्वतंत्रता सेनानी में सवार होकर कानपुर की ओर रवाना हुए।