लोकसभा में शुक्रवार को बजट सत्र के दौरान इलाहाबाद लोकसभा सीट के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने छोटे और मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की गिरती आर्थिक स्थिति का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
लोकसभा में शुक्रवार को बजट सत्र के दौरान इलाहाबाद लोकसभा सीट के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने छोटे और मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की गिरती आर्थिक स्थिति का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण के लिए सख्त नियम बनाए जाएं, ताकि पारंपरिक खुदरा व्यापार को बचाया जा सके।
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सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा के अनुसार, ऑनलाइन कारोबार और बढ़ते मॉल कल्चर ने स्थानीय व्यापारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
सदन को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि आज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण घर बैठे सामान उपलब्ध हो रहा है, जिससे छोटे दुकानदारों की बिक्री पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की कमी के कारण छोटे व्यापारी बैंकों और थोक विक्रेताओं के कर्ज में दबते जा रहे हैं। कई दुकानें बंद होने की कगार पर हैं और कुछ व्यापारी मानसिक दबाव में आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
सांसद ने बड़े उद्योगपतियों के खुदरा व्यापार में बढ़ते दखल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि बड़े उद्योग समूह सीधे रिटेल बाजार में उतरते हैं तो छोटे व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि निचली मंडियों में व्यापारियों को उधार मिलना लगभग बंद हो गया है, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी का संकट और गहरा गया है।
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सरकार से अपील करते हुए उज्ज्वल रमण सिंह ने मांग की कि ऑनलाइन व्यापार के लिए स्पष्ट और सख्त नियमावली बनाई जाए। बड़े उद्योगपतियों के खुदरा व्यापार में एकाधिकार पर अंकुश लगाया जाए, कर्ज संकट से जूझ रहे छोटे व्यापारियों के लिए विशेष राहत पैकेज पर विचार किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटे और मध्यम वर्गीय व्यापारियों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।