रेलमंत्री पीयूष गोयल के समक्ष रविवार को सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल ने प्रयागराज संगम (पहले प्रयागघाट) स्टेशन पर खानपान के स्टॉल न होने का मुद्दा उठाया। अमर उजाला द्वारा रविवार को प्रकाशित खबर ‘रेलमंत्री जी, सौ करोड़ के स्टेशन पर चाय तक नसीब नहीं’ की कटिंग भी उन्होंने रेल मंत्री को सौंपी। कहा कि खानपान के स्टॉल न होने की वजह से रेल यात्रियों को खाने पीने की वस्तुएं खरीदने के लिए स्टेशन परिसर से बाहर जाना पड़ता है।
दरअसल कुंभ मेले के पूर्व ही प्रयागराज संगम स्टेशन को टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया। वर्तमान समय यहां कुल 32 ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। स्टेशन से 16 ट्रेनों की शुरूआत होती है, इस वजह से हर रोज हजारों की संख्या में यात्री यहीं से ट्रेन पकड़ते हैं। ऐसे में यहां खानपान का स्टॉल न होने से यात्रियों को परेशानी होती है।
ज्ञापन लेने के बाद पीयूष गोयल ने शीघ्र ही कार्रवाई करने की बात कही। इस बारे में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्टेशन में खान पान का स्टॉल न होने का मामला मेरे संज्ञान में अमर उजाला के माध्यम से ही आया है। कहा कि जल्द से जल्द स्टेशन परिसर में विभागीय खानपान के स्टॉल खोले जाने की कार्रवाई की जाएगी।
शहर के स्टेशनों को एनसीआर में शामिल करने का उठाया मुद्दा
रेलमंत्री पीयूष गोयल को विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने ज्ञापन देकर शहर के प्रयागराज संगम, प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज रामबाग स्टेशन को उत्तर मध्य रेलवे में शामिल करने की मांग की। उन्होंने इस आशय का एक पत्र भी रेलमंत्री को सौंपा। विधायक ने कहा कि प्रयाग और प्रयागराज संगम स्टेशन लखनऊ मंडल एवं प्रयागराज रामबाग, दारागंज स्टेशन वाराणसी मंडल के अधीन है। यहां हर एक काम के लिए संबंधित शहरों में संपर्क करना होता है। एनसीआर में विलय होने के बाद प्रयागराज से ही इन स्टेशनों की कंट्रोलिंग होगी।
विलंब से आया विमान, एयरपोर्ट पहुंचे जीएम और डीआरएम
वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन समारोह के एक वर्ष के बाद प्रयागराज पहुंचे रेलमंत्री पीयूष गोयल की अगुवाई रविवार को प्रयागराज एयरपोर्ट पर जीएम एनसीआर राजीव चौधरी और डीआरएम प्रयागराज अमिताभ ने की। इस दौरान भाजपा के तमाम नेता भी एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट से ही रेलमंत्री सीधे केपी कालेज पहुंचे। दरअसल खराब मौसम की वजह से उनका विमान एक घंटे की देरी से यहां आया था। जबकि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रेलमंत्री को एयरपोर्ट से सीधे सर्किट हाउस पहुंचना था। वहां तमाम भाजपाई उनके स्वागत के लिए पहुंचे थे, लेकिन सर्किट हाउस न आने की सूचना मिलने के बाद सभी केपी कालेज ग्राउंड रवाना हो गए।