नाविक संघ की ओर से महाकुंभ में स्नान पर्वों के दाैरान मोटर बोटों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की जा रही थी। हाल ही में मेला प्रशासन के साथ हुई बैठक में भी संघ ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। इसके बाद मेला प्रशासन की ओर से स्नान पर्वों के दिन और एक दिन आगे-पीछे मोटर बोटों के संचालन पर रोक का निर्णय लिया गया है।
महाकुंभ के प्रमुख पर्वों और उसके एक दिन आगे-पीछे मोटर बोटों का संचालन नहीं किया जाएगा। इसमें सिर्फ चप्पू वाली नाव ही संचालित की जाएगी, वो भी माैसम का रुख देखने के बाद। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मेला प्रशासन की ओर से इसका निर्णय लिया गया है।
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नाविक संघ की ओर से महाकुंभ में स्नान पर्वों के दाैरान मोटर बोटों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की जा रही थी। हाल ही में मेला प्रशासन के साथ हुई बैठक में भी संघ ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। इसके बाद मेला प्रशासन की ओर से स्नान पर्वों के दिन और एक दिन आगे-पीछे मोटर बोटों के संचालन पर रोक का निर्णय लिया गया है। उपजिलाधिकारी अभिनव पाठक के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
कारण कि मोटर बोटों से उठने वाली लहरें श्रद्धालुओं के लिए खतरनाक हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल चप्पू वाली नाव ही उस दाैरान चलवाने का निर्णय लिया गया है, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए इसका निर्णय लिया जाएगा।
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बाजरा और स्पीड बोट सेवा इस माह के अंत तक होगी शुरू
महाकुंभ से पहले ही पर्यटक और श्रद्धालु बाजरा और स्पीड बोट का लुत्फ उठा सकेंगे। मेला प्रशासन की ओर से इसी माह दोनों ही बोटों के संचालन की तैयारी है। महाकुंभ के दाैरान संचालन के लिए तीन बाजरा और 25 स्पीड बोट मंगाया गया है। इसके लिए रूट सर्वे कर लिया गया है। अब एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीड्योर) के बाद इन बोटों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उप जिलाधिकारी अभिनव पाठक के अनुसार, इस माह के अंत तक मोटर बोटों के संचालन की उम्मीद है।