एक दिन की लावारिस मासूम को देखकर सभी का कलेजा फट पड़ा तो लोगों के जेहन में तरह-तरह की सवाल भी रहे। इन सवालों के बीच नवजात की मासूम निगाहें अपनी मां को ढूंढ रहीं थीं। उसके जेहन में तो बस यही सवाल और सपना था कि मां तुम कहां हो...। सवाल पूछतीं लोगों की इन निगाहों से बचाने के लिए आती क्यों नहीं...। सिविल लाइंस हनुमान मंदिर गेट पर सुबह-सुबह ही कोई एक बच्ची को छोड़ गया था। हाल ही में जन्मी बच्ची अच्छे कपड़े पहने हुए थी और बैग में थी। मंदिर के संचालकों और दर्शन के लिए पहुंचे लोग इस तरह से बच्ची को देखकर हतप्रभ रह गए। बजरंग बली की कृपा रही कि वहां कई कुत्ते हैं लेकिन किसी की नजर उस नवजात पर नहीं पड़ी।
लोग उस बच्ची को मंदिर परिसर में बने चबूतरे पर ले गए और एक महिला उसे गोद में लेकर लगातार बैठी रही। वहां दर्शन के लिए पहुंचे हर किसी की जुबां पर यही सवाल रहा कि कौन अभागिन है जो अपने कलेजे के टुकड़े को इस तरह से एक थैले में रखकर गेट पर छोड़कर जाने के लिए मजबूर हो गई। वहां पहुंचे किसी को वह नन्हीं परी नजर आ रही तो कोई उसे गुलाब सा कोमल बता रहा था। इन उमड़ती भावनाओं के बीच उसका नामकरण भी गया।
लोगों ने पुलिस के साथ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष तथा चाइल्ड लाइन के सदस्यों को फोन करके बच्ची के मिलने की सूचना दी। कुछ ही देर में वहां पुलिस पहुंच गई। चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि बच्ची को चिल्ड्रेन अस्पताल ले गए। बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्र का कहना है कि बच्ची अस्पताल में 24 घंटे रहेगी। पूरी तरह से स्वस्थ रहने पर उसे मंगलवार को राजकीय शिशु गृह में रखा जाएगा।
तीन महीने में मिलीं पांच बच्चियां
तीन महीने में पांच बच्चियां लावारिस हालत में मिल चुकी हैं। यह वह संख्या है जिन्हें खुल्दाबाद स्थित बाल शिशु गृह पहुंचाया गया है। इनमेें से एक बच्ची को तो किसी ने खेत की मेड़ पर छोड़ दिया था लेकिन भगवान की कृपा रही कि ग्रामीणों से पहले उस पर कुत्ता या किसी अन्य जानवर की नजर नहीं पड़ी।