इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरेली निवासी सास ने बहू के खिलाफ याचिका दाखिल कर मासिक भरण पोषण की मांग की है। सास का कहना है कि बेटे की मौत के बाद बहू ने अनुकंपा नियुक्ति पाई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरेली निवासी सास ने बहू के खिलाफ याचिका दाखिल कर मासिक भरण पोषण की मांग की है। सास का कहना है कि बेटे की मौत के बाद बहू ने अनुकंपा नियुक्ति पाई है। अब बहू ने उसे छोड़ दिया है और भरण पोषण के लिए एक भी रुपये नहीं दे रही है। इस पर न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सास नजारा खातून की याचिका पर बहू को नोटिस जारी जवाब मांगा है।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि बहू अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का पालन नहीं कर रही है। सास को मासिक भरण पोषण के लिए कोई धनराशि नहीं दे रही है। कोर्ट ने मामले को विचारणीय माना। साथ ही बरेली बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधिवक्ता रामानंद पांडेय से इस संबंध में बीएसए के निर्णय के साथ आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने को भी कहा है। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी बरेली को भी निर्देश दिया है कि वह याची सास के हक में मासिक भरण पोषण धनराशि दी जानी सुनिश्चित करें या अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करें। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्तूबर को होगी।