प्रयागराज के मेजा के समहन गांव में एक महिला ने अपनी छह माह की पुत्री संग गला रेत कर जान दे दी। दोनों का शव एक कमरे के भीतर से मिला। घटना की सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर मेजा समेत सीओ उमेश शर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
दोनों के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर उसे चीरघर भिजवा दिया। वहीं, युवती के मायके पक्ष के लोगों ने ससुरालजनों पर युवती एवं बच्ची की हत्या का आरोप लगाया है। युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति, ससुर, सास, देवर समेत छह के खिलाफ दहेज हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है।
नैनी, औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित चाड़ी गांव निवासी मूलचन्द्र निषाद ने बेटी माला (25) का विवाह चार साल पहले समहन गांव के रामेश्वर निषाद के साथ किया था। माला का पति रामेश्वर तीन दिन पहले ही मिर्जापुर गया हुआ है। मंगलवार दोपहर ससुरालजनों से माला का विवाद हुआ था।
विवाद के बाद माला अपनी बच्ची को लेकर कमरे के भीतर चली गई। शाम को जब काफी देर तक वह बाहर नहीं निकली तब लोगों ने उसका दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई आवाज नहीं आई। भीतर देखने पर अंदर गीता और बच्ची की रक्त रंजित लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी।
यह देखकर घरवालों के होश उड़ गए। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। थोड़ी ही देर में पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। दरवाजा भीतर से बंद था। दरवाजा तोड़कर पुलिस ने शव बाहर निकाला। बच्ची का गला रेता गया था, साथ ही गीता के गले पर भी गहरे जख्म थे।
पुलिस के मुताबिक कमरे के भीतर जाने का कोई रास्ता नहीं है, ऐसे में परेशान होकर मां ने ही यह घातक कदम उठाया होगा। जांच पड़ताल के दौरान माला के परिजन भी पहुंच गए और हत्या का आरोप लगाने लगे।
पिता का कहना था कि माला से हमेशा पचास हजार रुपये समेत अन्य वस्तुओं की मांग की जाती थी। सोमवार को उसको मारपीट कर मायके भेज दिया गया था लेकिन, उसने खुद उसे ससुराल भेजा था।
पिता ने ससुराल पक्ष से पति रामेश्वर, ससुर कमलाकांत, देवर मिथिलेश्वर, सास समेत छह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर मेजा के मुताबिक दरवाजा भीतर से बंद था। अंदर जाने का कोई भी रास्ता नहीं था। चापड़ भी वहीं पड़ा हुआ था। मां ने ही यह घातक उठाया, फिलहाल मामले की विवेचना कराई जा रही है।