डॉ. शिवानी श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
मच्छरों से फैलने वाली डेंगू, मलेरिया और अन्य खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए आप दुनिया भर के उपाय करते होंगे। जरा सोचिए कि अगर आपके कपड़े ही मच्छरों से आपकी सुरक्षा करने लगें तो कैसा रहेगा? इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की शोधार्थी डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने पौधों के अर्क से एक ऐसा स्प्रे तैयार किया है जिसे ऊनी और सिल्क वस्त्रों पर छिड़कने के बाद मच्छर आपके आसपास भी नहीं फटकेंगे।
खास बात यह है कि कपड़ों को 20 बार धुलने के बाद भी वस्त्र पर लगा यह स्प्रे काम करता रहेगा। इविवि में गृह विज्ञान की शोधार्थी डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने अपनी राज्य विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में यह शोध किया है। इस शोध को पेटेंट कराने की आवेदन प्रक्रिया प्रगति पर है।
डॉ. शिवानी के मुताबिक 100 एमएल स्प्रे की कीमत 40 रुपये होगी। स्प्रे काफी सस्ता है ताकि बस्तियों और सुदूर इलाकों में रहने वाले लोग भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। इसी उद्देश्य से शिवानी ने यह शोध किया था और इसमें सफलता मिली। डॉ. शिवानी ने गृहविज्ञान की शाखा टेक्सटाइल केमेस्ट्री से एमएससी की पढ़ाई की है और इसी विषय के आधार पर उन्होंने शोध किया।
उन्होंने बताया कि वस्त्रों पर स्प्रे करने के बाद प्रयोगशाला में प्रतिरोधक क्षमता का परीक्षण किया गया। एक माह बाद कपड़ा धुलकर दोबारा परीक्षा किया गया और प्रतिरोधक क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा। तकरीबन 20 धुलाई तक स्प्रे ने काम किया। इस शोध से संबंधित कई शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किए गए हैं। इसके साथ ही शोध संबंधित पोस्टर को केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान, लखनऊ की ओर से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी की पोस्टर प्रदर्शनी में भी पहला स्थान मिला है।