जिले में तीन लाख से अधिक पंजीकृत मजदूरों तथा असंगठित क्षेत्र के अन्य श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये मिलेंगे। प्रदेश सरकार की इस घोषणा के तहत सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में चार गुना से अधिक है।
कोविड संक्रमण तथा बंदी की वजह से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। रोजाना कमाने वालों के सामने तो परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से श्रम विभाग में पंजीकृत तथा सब्जी बेचने, पटरी दुकानदारों, रिक्शा चालकों आदि को एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।
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पिछले वर्ष भी इस तरह की घोषणा की गई थी। श्रम विभाग में दो लाख से अधिक मजदूर पंजीकृत थे लेकिन उन्होंने अपने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया था। इसकी वजह से सिर्फ 72 हजार मजदूरों को ही इस योजना का लाभ मिल पाया था लेकिन इस बार तीन लाख से अधिक मजदूर पंजीकृत हैं और सभी इस योजना के हकदार हैं। उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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नगर निगम तथा अन्य विभाग भी तैयार हो रही पात्रों की सूची
श्रम विभाग के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत, जिला प्रशासन के स्तर पर भी पात्रों की सूची तैयार की जा रही है। इन संस्थाओं में रिक्शा चालक, सब्जी विके्रता, पटरी दुकानदार, कुली, पल्लेदार, ई-रिक्शा चालक, धोबी, मोची, हलवाई समेत असंगठित क्षेत्र के कामगार पंजीकरण कराके योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इन विभागों की ओर से भी फिलहाल एक हजार से अधिक पात्रों की सूची तैयार की गई है।
आवेदनों की जांच, डाटा तैयार करने की दी जानकारी
प्रदेश सरकार की विशेषज्ञों की टीम ने शुक्रवार को ऑनलाइन कार्यक्रम में योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आवेदनों की स्क्रूटनी, डाटा तैयार करने आदि के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सभी संबंधित विभाग के अफसर मौजूद रहे।