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इलाहाबाद जंक्शन पर पकड़ी गई दूसरे ब्रांड की एक हजार से ज्यादा बोतलें

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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इलाहाबाद जंक्शन पर सोमवार को आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान आरपीएफ ने जंक्शन पर तमाम खानपान स्टाल की जांच करते हुए रेलनीर की जगह बिक रहे दूसरे ब्रांड की 1282 पानी की बोतलें पकड़ी। अचानक हुई इस कार्रवाई से वेंडरों में हड़कंप मच गया। आरपीएफ ने सभी बोतलें सीज करने के साथ उन्हें बेच रहे वेंडरों के खिलाफ भी रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की।
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दरअसल रेलवे बोर्ड के डीजी आरपीएफ ने निर्देश दिया था कि सभी रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर के अतिरिक्त दूसरे ब्रांड की बोतलें नहीं बिकनी चाहिए। डीजी आरपीएफ के निर्देश के बाद जंक्शन पर निरीक्षक बीपी सिंह एवं उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी के नेतृत्व में आरपीएफ की अलग-अलग टीम ने सभी स्टालों की जांच शुरू की। इस दौरान प्लेटफार्म नौ-दस और सात-आठ पर स्थित अमूल के स्टाल, प्लेटफार्म नंबर नौ-दस पर ही स्टाल नंबर 18 और प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर आठ और दस नंबर स्टाल पर रेल नीर के अलावा दूसरे ब्रांड की पानी की बोतल बिकते पाई गई। छापामारी के दौरान कुल ऑक्जीमोर कंपनी की 1282 पानी की बोतलें सीज की गई। साथ ही उन बोतलों को बेच रहे पांच वेंडरों के खिलाफ भी रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। आरपीएफ के मुताबिक स्टेशन पर सिर्फ रेल नीर ही बेचा जा सकता है। ऑक्जीमोर कंपनी का पानी उसी सूरत पर बेचा जा सकता है कि जब रेल नीर की सप्लाई न हो रही हो। इसके अलावा आईआरसीटीसी को रेलनीर न होने की भी सूचना लिखकर देनी होगी।

रामबाग स्टेशन पर भी पकड़ी गई 786 बोतल
इलाहाबाद जंक्शन की तरह इलाहाबाद सिटी (रामबाग) रेलवे स्टेशन पर पर भी प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में भी कार्रवाई की गई। यहां स्टेशन और पवन एक्सप्रेस एवं दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस की जांच के दौरान रेल नीर की जगह 786 इलविश और ऑक्जीमोर कंपनी की बोतल पकड़ी गई। इन बोतलों को बेचते चार वेंडर भी पकड़े गए। कार्रवाई के दौरान अभिषेक बहादुर सिंह, सतीश तिवारी, आलोक विजय आदि मौजूद रहे
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